०चारों विकासखंडों में आयोजित हुए शिविर, 150 पालक-अभिभावकों और शिक्षकों ने लिया हिस्सा; दिव्यांगता प्रमाण पत्र व यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया बताई गई
बीजापुर । विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, उनकी शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जरूरतों का आकलन और उन्हें शासन की योजनाओं से जोडऩे के उद्देश्य से बीजापुर जिले के चारों विकासखंडों में आकलन सह शिविर आयोजित किए गए। समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देश पर आयोजित इन शिविरों में कुल 161 बच्चों का आकलन किया गया। इस दौरान 150 पालक-अभिभावकों और शिक्षकों ने भी सहभागिता निभाई।
कलेक्टर विश्वदीप के आदेश और जिला मिशन संचालक नम्रता चौबे के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा जिला मिशन समन्वयक जी.बी.एस. रेड्डी के नेतृत्व में शिविरों का आयोजन किया गया।शिविरों में बच्चों की आवश्यकताओं का आकलन करने के साथ उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड और जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अलावा शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं के बारे में बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक किया गया।
बीजापुर विकासखंड में सबसे अधिक 68 बच्चों की उपस्थिति
चारों विकासखंडों में आयोजित शिविरों में बच्चों की उपस्थिति इस प्रकार रही:
– भोपालपटनम 49 बच्चे
– आवापल्ली 20 बच्चे
– बीजापुर 68 बच्चे
– भैरमगढ़ 24 बच्चे
इस तरह कुल 161 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने शिविरों में हिस्सा लिया।
शिक्षकों और अभिभावकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
शिविरों में शिक्षकों ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, उनकी शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जरूरतों के आकलन और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग किया। वहीं अभिभावकों ने भी बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।
विकासखंड स्तर पर बीआरपी अनिरुद्ध गिलहरे (भोपालपटनम), बेदराम निषाद (आवापल्ली), चितूराम बघेल (बीजापुर) और सुनील तायवाडे (भैरमगढ़) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहायक कार्यक्रम समन्वयक तारकेश्वर पैकरा का भी विशेष सहयोग रहा।
बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर
जिला मिशन समन्वयक जी.बी.एस. रेड्डी ने शिविरों के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले बीआरपी, शिक्षकों और अभिभावकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे भी समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।
जिला प्रशासन और समग्र शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाना और उनके लिए समान शैक्षणिक अवसर सुनिश्चित करना है।
