गरियाबंद । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से राहत और बहादुरी की एक बड़ी खबर सामने आई है। विकासखंड छुरा के अंतिम वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बीजापाल में बगनई नदी पर चल रहे पुल निर्माण कार्य के दौरान अचानक आई बाढ़ में 14 मजदूर फंस गए। जिला प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की संयुक्त टीम ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
अचानक बढ़ा जलस्तर, पेड़ बना तारणहार
मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बगनई नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। तेज बहाव के कारण निर्माणाधीन पुल पर काम कर रहे 10 पुरुष और 4 महिला मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए सभी 14 मजदूर नदी के किनारे स्थित एक मजबूत पेड़ पर चढ़ गए। मजदूरों ने पूरी रात खौफ के साए में, पेड़ की टहनियों को पकड़कर बिताई और सुबह तक बचाव दल का इंतजार किया।
रात के अंधेरे और तेज बहाव ने बढ़ाई चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद जिला प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, रात के अंधेरे और नदी के रौद्र रूप को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू शुरू करना बेहद जोखिम भरा था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन ने एक संयुक्त रणनीति बनाई।
सुबह शुरू हुआ महा-रेस्क्यू ऑपरेशन
जैसे ही सुबह की पहली किरण फूटी, महासमुंद से पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल ने मोर्चा संभाल लिया। कलेक्टर, एसपी, तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्थानीय सरपंच की मौजूदगी में रेस्क्यू टीम ने उफनती नदी के बीच बेहद सूझबूझ के साथ ऑपरेशन चलाया। भारी मशक्कत के बाद टीम ने पेड़ पर फंसे सभी 14 मजदूरों को एक-एक कर सुरक्षित किनारे तक पहुँचाया।
प्रशासन ने ली राहत की सांस, जारी हुआ अलर्ट
सभी मजदूरों के सुरक्षित बाहर आते ही मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी और बहादुरी की जमकर सराहना की है। इस सफल ऑपरेशन के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों व श्रमिकों को विशेष सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
