चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, सरकार के पुख्ता इंतजाम और भ्रामक खबरों पर ‘डिजिटल’ स्ट्राइक

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 उत्तराखंड। देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 अपने पूरे वैभव के साथ सुचारु रूप से संचालित हो रही है। श्रद्धा और सुरक्षा के संगम के बीच राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि, यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस वर्ष न केवल भौतिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है, बल्कि यात्रा की गरिमा बनाए रखने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाने वाले असामाजिक तत्वों और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि देश-दुनिया से आने वाला हर भक्त देवभूमि की पवित्रता का अनुभव लेकर लौटे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, यात्रा की लोकप्रियता का आलम यह है कि महज 10 दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई है। 28 अप्रैल की शाम तक कुल 4,08,401 भक्तों ने चारों धामों में मत्था टेका। इनमें सबसे अधिक भीड़ बाबा केदार के दरबार में देखी गई, जहां सात दिनों में 2,07,452 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि बदरीनाथ धाम में छह दिनों में 84,942 भक्तों ने दर्शन किए। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगभग 58-58 हजार के आंकड़े को छू रही है। अब तक 64 हजार से अधिक वाहन यात्रियों को लेकर पहाड़ों की वादियों में पहुंच चुके हैं। प्रशासन सभी विभागों के बेहतर समन्वय से ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है, ताकि हिमालय की दुर्गम चोटियों पर यह आध्यात्मिक सफर सुरक्षित और यादगार बना रहे।