1076 बनी जनता की नई उम्मीद महज 5 दिनों में 15434 शिकायतें दर्ज, बिजली, जमीन और नगरीय सुविधाओं से जुड़े मामले सबसे ज्यादा

Follow Us

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 लोगों के लिए शासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का एक प्रभावी मंच बनती जा रही है। हेल्पलाइन शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर 15,434 शिकायतों का दर्ज होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश की जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस व्यवस्था पर भरोसा जता रही है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें राजस्व, नगरीय प्रशासन और ऊर्जा विभाग से संबंधित दर्ज की गई हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदेश में आम नागरिक आज भी जमीन, बिजली, सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

जमीन से जुड़े मामलों की सबसे अधिक शिकायतें

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित 2,470 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें नामांतरण, सीमांकन, भू-अभिलेखों में त्रुटियां, खसरा-खतौनी से जुड़े विवाद तथा जमीन संबंधी अन्य मामलों को लेकर लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों के कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानियां इन आंकड़ों में साफ दिखाई दे रही हैं।

नगरीय सुविधाओं को लेकर लोगों में नाराजगी

शहरों की टूटी सड़कें, नालियों की सफाई नहीं होना, स्ट्रीट लाइट बंद रहना, पेयजल आपूर्ति की समस्या और सफाई व्यवस्था में लापरवाही जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं और नागरिक अब अपनी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचा रहे हैं।

बिजली विभाग से संबंधित 1,921 शिकायतें दर्ज

ऊर्जा विभाग से जुड़ी 1,921 शिकायतें हेल्पलाइन पर दर्ज की गई हैं। इनमें बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराब होने, नए बिजली कनेक्शन में देरी, बिल संबंधी विवाद और विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसे मुद्दे शामिल हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की निर्बाध आपूर्ति लोगों की प्राथमिक जरूरत बन गई है, ऐसे में इस विभाग से जुड़ी शिकायतों की बड़ी संख्या चिंता का विषय मानी जा रही है।

ग्रामीण विकास और राशन व्यवस्था से जुड़े मामले भी सामने आए

सीएम हेल्पलाइन पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित 1,509 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों ने अपनी बात रखी है।

वहीं खाद्य विभाग से संबंधित 1,235 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें राशन कार्ड बनाने, नाम जोड़ने या हटाने, पात्रता सूची में गड़बड़ी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन नहीं मिलने जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आई हैं।

बुनियादी सुविधाएं बनी सबसे बड़ी चिंता

हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण बताता है कि लगभग हर दूसरी शिकायत बिजली, पानी, सड़क, नाली और जमीन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम नागरिकों की प्राथमिक जरूरतें आज भी इन्हीं मूलभूत व्यवस्थाओं के इर्द-गिर्द केंद्रित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान किया जाता है, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बढ़ाएगा बल्कि शासन की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।

जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद का माध्यम बनी हेल्पलाइन

राज्य सरकार का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। हेल्पलाइन के जरिए प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित विभागों को तय समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और वे घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकें।

अब समाधान की रफ्तार पर टिकी हैं लोगों की उम्मीदें

महज पांच दिनों में 15 हजार से अधिक शिकायतों का सामने आना एक ओर जहां जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने चुनौती भी खड़ी करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन शिकायतों का निराकरण कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ किया जाता है।

यदि सरकार शिकायतों के समाधान में प्रभावी साबित होती है, तो सीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़ में सुशासन का एक मजबूत उदाहरण बन सकती है। वहीं, यदि समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हुआ तो जनता का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

फिलहाल, यह हेल्पलाइन प्रदेश के हजारों नागरिकों के लिए अपनी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है और आने वाले दिनों में इसकी उपयोगिता और प्रभावशीलता की असली परीक्षा होगी।