विचार

परिणामों पर एसआईआर का धब्बा, पर ममता बनर्जी का बेतुका हठ – रंजन श्रीवास्तव

देश की आजादी के 78 वर्ष तथा 8 महीने के बाद तथा अपने वर्तमान अस्तित्व के 46 वर्ष तथा 28 दिन के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल…
May 7, 2026

यह कंकाल हमारे समाज और व्यवस्था का ही आईना है: रंजन श्रीवास्तव

ओडिशा के एक आदिवासी जीतू मुंडा ने शिक्षा की कमी या बैंक कर्मियों की संवेदनहीनता के कारण मजबूरी में जो किया, वह हमारे समाज और व्यवस्था के गाल पर एक…
April 30, 2026

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के आर्थिक, रणनीतिक और राजनीतिक मायने! – संजीव वर्मा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में उस समय एक नए युग की शुरुआत हुई, जब दोनों देशों ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए, जो…
April 29, 2026

फोटोग्राफी के चलते फिरते संग्रहालय थे रघु राय – संजय सक्सेना

भोपाल गैस त्रासदी की वो सबसे मार्मिक तस्वीर, जिसने पूरी दुनिया को इस त्रासदी की भयावहता की कहानी सुनाई, आज भी सुना रही है, उस तस्वीर को खींचने वाले जाने…
April 28, 2026

प्रकृति का बेरहमी से दोहन! – संजीव ठाकुर

प्रकृति के दोहन का परिणाम अब अपने चरम परिणामों के साथ हमारे सामने खड़ा है। आने वाले महीनों में मौसम वैज्ञानिकों ने जिस तीव्र गर्मी की आशंका जताई है, वह…
April 27, 2026