बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के सारणी स्थित जनजातीय कार्य विभाग के स्कूल में छात्राओं से कथित अभद्रता और बैड टच के आरोपों को लेकर गुरुवार को विवाद बढ़ गया। कक्षा छह से आठ की छात्राएं रैली निकालकर सारणी थाने पहुंचीं और थाना परिसर के सामने धरने पर बैठ गईं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने भी स्कूल पहुंचकर विरोध जताया।
पुलिस ने स्कूल के लैब असिस्टेंट सुनील चौधरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मामला 15 अगस्त का है। कुछ छात्राओं ने लैब असिस्टेंट पर कथित अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकत करने के आरोप लगाए हैं। सारणी थाना प्रभारी जयपाल इवनाती ने बताया कि शिकायतकर्ता छात्राओं के बयान लिए जा रहे हैं और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्कूल के प्राचार्य भालेकर के अनुसार बुधवार को दो छात्राओं ने उन्हें लिखित आवेदन देकर 15 अगस्त को कथित छेड़छाड़ की शिकायत की थी। इसके बाद संबंधित लैब असिस्टेंट से जवाब मांगा गया, जिसने आरोपों से इनकार किया। स्कूल प्रबंधन ने उसे नोटिस जारी कर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी।
विरोध के दौरान स्कूल के शिक्षकों ने भी पुलिस को आवेदन देकर प्राचार्य के साथ धक्कामुक्की और कुछ लोगों द्वारा जबरन स्कूल परिसर में प्रवेश करने का आरोप लगाया। शिक्षकों का कहना है कि संबंधित लैब असिस्टेंट ने छात्राओं के साथ कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया।
एक शिक्षक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि 15 अगस्त को एक छात्रा भारत माता की भूमिका में थी। शिक्षक के अनुसार लैब असिस्टेंट ने छात्रा के तैयार होने पर अच्छा लगने की बात कही थी, जिसे छात्रा ने अपने पालक को बताया। शिक्षक ने किसी तरह का बैड टच होने से इनकार करते हुए इसे गलतफहमी का मामला बताया।
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उधर, सुनील चौधरी के परिजनों ने भी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि सुनील करीब 27 वर्षों से सेवा में हैं। सुनील चौधरी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। छात्राओं और उनके परिजनों ने कैमरे के सामने बयान देने से इनकार किया। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि छात्राओं के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

