आत्मविश्वास और मेहनत से बनाएं अपनी पहचान, समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं युवा: राज्यपाल रमेन डेका

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बिलासपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और अपनी प्रतिभा के दम पर जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उसकी वजह समझनी चाहिए और गलतियों से सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होना चाहिए। राज्यपाल पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पिछले पांच वर्षों के 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं।

समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अतिथि मौजूद रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण और स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से एकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन और पानी की बोतलें भी वितरित की गईं।

राज्यपाल ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने मुक्त विश्वविद्यालयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा के अवसर पहुंच रहे हैं। युवाओं को इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का विवेकपूर्ण इस्तेमाल कर अपनी सोच और रचनात्मक क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और योग्यता पहचानने, दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी विशेषताओं पर भरोसा रखने तथा पूरी मेहनत से आगे बढ़ने की सलाह दी। अभिभावकों से भी बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा के अनुरूप सहयोग करने की अपील की।

रमेन डेका ने डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने, समय का सदुपयोग करने और जीवन में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखना, पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना जैसे छोटे प्रयास भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों को शिक्षा का अवसर दे रहा है, जो कामकाज या अन्य कारणों से नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक की ए प्लस ग्रेडिंग मिलने पर बधाई दी। समारोह में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा और नैक अध्यक्ष नागेश्वर राव ने भी संबोधित किया। कुलपति वीरेंद्र कुमार सारस्वत ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।