मुंबई। रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ के हालिया एपिसोड में एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और राजनीतिक टिप्पणीकार शहजाद पूनावाला के बीच जमकर बहस हुई। स्वरा ने शहजाद पर आरोप लगाया कि वह पिछले आठ साल से सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। विवाद की शुरुआत टावर में शहजाद के फैसलों पर स्वरा के सवाल उठाने से हुई। उन्होंने याद दिलाया कि वह पहले दो बार उनका साथ दे चुकी हैं, इसके बावजूद शहजाद ने उन्हें बचाने का फैसला नहीं लिया।
दरअसल, गौतम की रैंकिंग के बाद शहजाद ने मनीष कश्यप और सोनम मलिक को बेसमेंट में भेज दिया था। इससे नाराज सोनम ने गौतम पर धोखा देने का आरोप लगाया, जबकि गौतम ने अपने फैसले को पेंटहाउस और वहां के रूलर्स के हित में बताया। इसी बीच स्वरा ने शहजाद से उनके फैसले पर सवाल किए। करण पटेल ने भी इसे जोखिम भरा कदम बताया, लेकिन शहजाद अपने फैसले पर कायम रहे। जब शहजाद ने स्वरा को बचाने में अपना योगदान गिनाया, तो स्वरा ने उन्हें बीच में न बोलने के लिए कहा।
बहस आगे बढ़ी तो स्वरा ने शहजाद से कहा कि वह उनकी बात क्यों सुनें, जबकि वह आठ साल से उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। शहजाद ने माफी मांगने की कोशिश की, लेकिन स्वरा इस मुद्दे को आसानी से खत्म करने के लिए तैयार नहीं दिखीं। बाद में होस्ट वीरेंद्र सहवाग ने भी दोनों के रिश्ते को लेकर स्वरा से सवाल किए। स्वरा ने कहा कि उन्होंने शहजाद का साथ जरूर दिया है, लेकिन उनकी आपसी लड़ाइयां अलग हैं।
एपिसोड में सहवाग ने ट्रिपल एविक्शन का ऐलान भी किया और मनीष कश्यप को ‘किंग ऑफ द बेसमेंट’ घोषित किया। छह वर्कर्स प्रियंका चाहर चौधरी, जसवंत बोपन्ना, सोनम मलिक, मनीष कश्यप, ऋषभ जायसवाल और निहारिका तिवारी पर एविक्शन का खतरा था। सहवाग ने शहजाद को अपना आखिरी टिकट किसी अन्य कंटेस्टेंट को देने का मौका दिया, जिस पर उन्होंने स्वरा को चुना। सहवाग ने इस कदम को ‘डैमेज कंट्रोल’ बताया। दर्शकों ने प्रियंका और निहारिका को बचा लिया, जबकि मनीष, जसवंत, ऋषभ और सोनम के एविक्शन पर फैसला बाकी रहा।
शो के दौरान सहवाग ने गौतम गुलाटी और प्रियंका चाहर चौधरी से भी उनके फैसलों पर सवाल किए। उन्होंने प्रियंका के प्राइज पॉट को 6 लाख रुपये करने के निर्णय और दोनों के पुराने विवादों का जिक्र किया। सहवाग ने गौतम को अपने व्यवहार पर विचार करने की सलाह दी और कहा कि उनका यही अंदाज ट्रॉफी जीतने में बाधा बन सकता है। गौतम ने उनकी बात से सहमति जताई।
