बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया खिलाड़ियों के Sports Science Support का मुद्दा, विशेषज्ञों की कमी पर मांगा जवाब

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। उन्होंने खेल विज्ञान विशेषज्ञों, Sports Psychology, Sports Nutrition और खिलाड़ियों के लिए स्थायी Sports Science व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को केवल मैदान पर प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक और विशेषज्ञों का सहयोग भी मिलना चाहिए, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में खेल विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों की उपलब्धता और रिक्त पदों को लेकर केंद्र सरकार से जानकारी मांगी। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, देश के 23 National Centres of Excellence में Sports Science से जुड़े कर्मियों के कुल 384 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 211 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि 173 पद अभी रिक्त हैं। मंत्रालय ने बताया कि रिक्त पदों को लागू भर्ती नियमों के अनुसार भरने की प्रक्रिया जारी है।

Sports Science क्यों जरूरी?
आधुनिक खेलों में केवल शारीरिक प्रशिक्षण और अभ्यास सफलता के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में Sports Science की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसमें Sports Psychology, Sports Nutrition, Biomechanics, Performance Analysis और Physiotherapy जैसी विशेषज्ञ सेवाएं शामिल हैं।इन सुविधाओं की मदद से खिलाड़ी के प्रदर्शन का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा सकता है। साथ ही उसके खान-पान, शारीरिक क्षमता, चोट से बचाव और रिकवरी पर भी विशेषज्ञ निगरानी रखी जा सकती है। प्रतियोगिताओं के दौरान मानसिक दबाव से निपटने के लिए Sports Psychology भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

छत्तीसगढ़ में Sports Psychologist और Nutrition Expert की कमी
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में भारतीय खेल प्राधिकरण यानी SAI Training Centres और Khelo India Centres में Sports Psychologist और Nutrition Expert की उपलब्धता का मुद्दा उठाया।मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के इन केंद्रों में Sports Psychologist और Nutrition Expert उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में प्रदेश के खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती, संतुलित पोषण और प्रदर्शन से जुड़ी विशेषज्ञ सलाह के लिए अपेक्षित सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिभा से पदक तक जरूरी है समग्र व्यवस्था
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी को प्रतिभा से पदक तक पहुंचाने के लिए मजबूत और समग्र खेल व्यवस्था जरूरी है। आधुनिक दौर में खिलाड़ी के प्रदर्शन का वैज्ञानिक विश्लेषण, खान-पान की निगरानी, चोट से बचाव, रिकवरी की रणनीति और प्रतियोगिता के दबाव से निपटने के लिए मानसिक प्रशिक्षण उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना मैदान पर अभ्यास।उन्होंने Sports Science व्यवस्था को केवल अस्थायी सुविधा के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके लिए चिकित्सा, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई गई है।

केंद्र सरकार भी कर रही व्यवस्था मजबूत
केंद्र सरकार की ओर से संसद में बताया गया कि भारतीय खेल प्राधिकरण के भर्ती नियमों में हाल ही में संशोधन किया गया है। इसके अलावा Sports Science Associates और Performance Analysts जैसे विशेषज्ञों की भूमिका को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।प्रमुख चिकित्सा, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ Memorandum of Understanding (MoU) के माध्यम से खेल विज्ञान के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल विज्ञान सुविधाओं की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। यदि प्रदेश में विशेषज्ञों और वैज्ञानिक संसाधनों की स्थायी व्यवस्था मजबूत होती है, तो स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिल सकता है।