BREAKING: ITI परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 11 आरोपी गिरफ्तार

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की प्रयागराज फील्ड इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की वार्षिक अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा में नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के दौरान अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से मदद पहुंचाने वाले गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आईटीआई के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी, अनुदेशक और साल्वर शामिल हैं। एसटीएफ की कार्रवाई से परीक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को नकल कराने का काम कर रहा था। जांच के दौरान एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि आईटीआई की ऑनलाइन परीक्षा में कुछ लोगों द्वारा नियमों के खिलाफ जाकर अभ्यर्थियों की मदद की जा रही है।

इसके बाद टीम ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की और पुख्ता जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। एसटीएफ प्रयागराज फील्ड इकाई के पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में आईटीआई के प्रधानाचार्य अशोक कुमार निवासी मम्फोर्डगंज थाना कर्नलगंज, परीक्षा प्रभारी रवि प्रकाश निवासी महेशपुर अंदावा थाना झूंसी शामिल हैं। इसके अलावा साल्वर गैंग के सदस्य शिवम कुमार निवासी बरवा शुकुलपुर थाना मेजा, जय सिंह निवासी खारा बिरतिया थाना मेजा, जितेंद्र पटेल निवासी बेंदो थाना करछना और दिलीप कुमार पटेल निवासी तेवरिया कला थाना करछना को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ ने इस मामले में आईटीआई के अनुदेशकों पर भी कार्रवाई की है। गिरफ्तार अनुदेशकों में फूल प्रकाश निवासी एडीए कॉलोनी नैनी और धीरज कुमार शर्मा निवासी कोहड़ार थाना मेजा शामिल हैं। इसके अलावा राजेश कुमार निवासी लीलापुर कला थाना सराय इनायत, राजकुमार मौर्य निवासी बड़ा चाका एग्रीकल्चर थाना नैनी और विजय सिंह निवासी दमड़ी थाना आसपुर देवसरा जनपद प्रतापगढ़ को भी गिरफ्तार किया गया है।

कार्रवाई के दौरान एसटीएफ टीम ने आरोपियों के कब्जे और मौके से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, टीम ने 5 लाख 10 हजार रुपये नकद, पांच कंप्यूटर, पांच मॉनिटर, माउस, की-बोर्ड और एटीएम-67 से संबंधित प्रपत्र बरामद किए हैं। बरामद सामान की जांच की जा रही है ताकि परीक्षा में गड़बड़ी के तरीके और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह परीक्षा केंद्र की व्यवस्था से जुड़े लोगों की मिलीभगत से काम कर रहा था।

इसमें परीक्षा संचालन से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इससे पहले कितनी परीक्षाओं में धांधली की है और इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं। इस पूरे मामले में प्रयागराज के नैनी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं एसटीएफ मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अगर अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर सरकार पहले से ही सख्त रुख अपना रही है। ऐसे में एसटीएफ की यह कार्रवाई परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।