रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी धमाकेदार एंट्री हो गई है। ईडी की अलग-अलग टीमों ने आज एक साथ पांच बड़े ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के ग्राम सरबदा, पूर्व सचिव जेके ध्रुव के भिलाई निवास और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित घर पर दबिश दी है। इसके अलावा, राज्यपाल के पूर्व सचिव व रिटायर्ड आईएएस अमृत खलको के भिलाई आवास और एक अन्य आरोपी ललित गणवीर के भाई भूपेंद्र गणवीर के राजनांदगांव परिसर में भी तलाशी जारी है।

यह पूरा मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच का है, जब योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर रसूखदारों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे प्रतिष्ठित पदों पर फायदा पहुंचाया गया। आरोप है कि पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने नियमों में हेरफेर कर अपने भतीजे समेत कई करीबियों का चयन कराया। वहीं, आईएएस अमृत खलको के बेटा-बेटी का चयन भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। फिलहाल पद का दुरुपयोग करने के आरोप में सोनवानी, ध्रुव और वासनिक समेत मुख्य आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब ईडी की टीमें इन अधिकारियों के घरों पर दस्तावेज खंगालने के साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से परिवार वालों से पूछताछ कर रही हैं।
