रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने अपने असहयोग आंदोलन को और तेज कर दिया है। आंदोलन के तहत आज प्रदेशभर के निजी स्कूलों के शिक्षक और संचालक काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं, जिससे सरकार के प्रति उनका विरोध दर्ज किया जा सके। एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि, यह विरोध प्रतीकात्मक है, लेकिन उनकी मांगें लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं। वहीं शनिवार को प्रदेश के सभी निजी स्कूल पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना है।
स्कूल संचालकों का कहना है कि, वर्ष 2011 के बाद से प्रतिपूर्ति राशि (Reimbursement Amount) का पुनर्निर्धारण नहीं किया गया है, जबकि खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उनका आरोप है कि, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। एसोसिएशन ने RTE अधिनियम की धारा 12(2) के तहत प्रतिपूर्ति राशि को वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार तय करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि, जब तक राशि का पुनर्मूल्यांकन नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन से निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
