अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों के धरने में शामिल हुए भूपेश बघेल और अरुण वोरा, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

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दुर्ग। अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी संघ द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दुर्ग साइंस कॉलेज के पास एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा शामिल हुए। दोनों नेताओं ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों का समर्थन किया।

इस अवसर पर भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी लंबे समय से कम मानदेय में स्कूलों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सरकार को कर्मचारियों की मेहनत और उनकी आर्थिक परेशानियों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कर्मचारियों के वेतन एवं मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि का वादा किया था, अब सरकार को अपने वादे पर अमल करना चाहिए।

भूपेश बघेल ने कहा कि जिन कर्मचारियों के भरोसे स्कूलों की साफ-सफाई व्यवस्था चल रही है, उनके साथ इस तरह की अनदेखी उचित नहीं है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

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वहीं अरुण वोरा ने कहा कि कर्मचारियों ने बताया है कि 2 घंटे से कम काम के लिए ₹3500 प्रतिमाह मानदेय निर्धारित होने के बावजूद उनसे करीब 4 घंटे तक काम लिया जा रहा है। कम मानदेय में अधिक समय तक काम करवाना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार को काम के घंटे स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के साथ मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करनी चाहिए।

अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि घोषणा पत्र में 50 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने का वादा करने वाली सरकार अब अपने वादे से पीछे नहीं हट सकती। सरकार को अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों के साथ किए गए वादे को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा श्रमिकों, कर्मचारियों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी।

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उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करने के बजाय जमीन पर काम करे और कर्मचारियों को उनका अधिकार दे। अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर 50 प्रतिशत मानदेय वृद्धि के वादे को पूरा किया जाना चाहिए।

धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।