सावधान! कहीं आपकी पसंदीदा ‘बर्फ चबाने की आदत’ इन 5 गंभीर बीमारियों को न दे दे न्यौता

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नई दिल्ली। गर्मियों में या यूं ही बैठे-बैठे बर्फ चबाना भले ही आपको मजेदार लगे, लेकिन सेहत के लिहाज से यह बेहद खतरनाक है। मेडिकल साइंस में बर्फ खाने की इस तीव्र इच्छा को ‘पेगोफेगिया’ (Pagophagia) कहा जाता है, जो अक्सर शरीर में आयरन की कमी (एनीमिया) का संकेत होती है। रोजाना बर्फ चबाने से आपके पूरे शरीर को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सबसे पहला और सीधा असर आपके दांतों पर पड़ता है। बर्फ जैसी सख्त और ठंडी चीज चबाने से दांतों की सुरक्षात्मक परत (Enamel) नष्ट हो जाती है, जिससे दांतों में तेज झनझनाहट (Sensitivity) होने लगती है और वे कमजोर होकर टूट भी सकते हैं। इसके साथ ही, लगातार ठंडी बर्फ गले के संपर्क में आने से वहां की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे गले में भयंकर इन्फेक्शन, सूजन, टॉन्सिल्स और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।

यह आदत आपके पाचन तंत्र (Digestion) को भी पूरी तरह बिगाड़ देती है। बर्फ पेट के अंदरूनी तापमान को अचानक गिरा देती है, जिससे खाना पचाने की क्षमता सुस्त पड़ जाती है और पेट में ऐंठन, गैस, उल्टी या दस्त की शिकायत होने लगती है। इतना ही नहीं, इससे शरीर का आंतरिक तापमान असंतुलित हो जाता है, जिससे थर्मल शॉक के कारण अचानक कंपकंपी छूटने और अंदरूनी सूजन बढ़ने का खतरा रहता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अत्यधिक ठंडक के कारण खून की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं, जो सीधे हार्ट हेल्थ के लिए एक बड़ा खतरा है।

हेल्थ टिप: अगर आपको भी बार-बार बर्फ चबाने की तलब उठती है, तो सामान्य या मटके का पानी पीने की आदत डालें। यह आदत शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी का इशारा भी हो सकती है, इसलिए एक बार डॉक्टर से मिलकर अपने ब्लड टेस्ट (आयरन लेवल) की जांच जरूर करवाएं।