धनतेरस दीपोत्सव पर्व 2026: धनतेरस से पांच दिनों तक चलने वाला दीपोत्सव पर्व दीपावली की शुरुआत हो जाती है। पहले दिन धनतेरस, दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन दिवाली लक्ष्मी पूजा, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवें दिन भाई दूज का उत्सव मनाया जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा होती है और दीपदान किया जाता है। धनतेरस पर शुभ खरीदारी करने का विशेष महत्व होता है और शाम को घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक जलाने की परंपरा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं धनतेरस पर कितने और घर के किन-किन हिस्सों में दीपक जलाया जाता है।
धनतेरस पर क्यों जलाते हैं दीपक?:
धनतेरस के दिन से पांच दिनों तक चलने वाला दीपोत्सव पर्व शुरू हो जाता है। धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की धार्मिक मान्यताएं हैं। धनतेरस के दिन यम के नाम का दीपक जलाया जाता है। ऐसी मान्यता है इससे घर के सदस्यों की आयु में वृद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। धनतेरस पर घर के अलग-अलग जगहों पर दीपक जलाने से घर में खुशहाली आती है।
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धनतेरस पर कहां-कहां जलाना चाहिए दीपक?:
1- पूजा स्थल: घर में बना पूजा स्थल सबसे शुभ और सकारात्मक ऊर्जा वाला स्थान होता है। ऐसे में धनतेरस की शाम को देवी-देवताओं के समाने एक दीपक जरूर जलाना चाहिए।
2- ईशान-कोण: घर का ईशान कोण सबसे शुभ जगह मानी जाती है। ऐसे में धनतेरस पर घर की उत्तर-पूर्व दिशा में एक दीपक जरूर जलाएं।
3- तुलली के पौधे के पास: तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत ही पूजनीय माना जाता है। ऐसे में धनतेरस की शाम को तुलसी के पौधे के पास एक दीपक जलाएं।
4- घर के मुख्य द्वार पर: धनतेरस पर घर के मुख्य दरवाजे पर एक दीपक जरूर जलाएं। इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है। यहां पर दीपक जलाने से मां लक्ष्मी का वास होता है।
5- घर के दक्षिण दिशा पर: शास्त्रों में यम की दिशा दक्षिण मानी जाती है। ऐसे में धनतेरस पर यमराज के नाम से दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके एक दीपक जलाएं।
6- आंगन में एक दीपक: घर के बीच के भाग को वास्तु शास्त्र में ब्रह्रास्थान कहा जाता है। धनतेरस पर यहां एक दीपक जलाने की परंपरा होती है।
7- शौचालय पर: धनतेरस की शाम को एक दीपक शौचालय के बाहर जलाने की परंपरा होती है।
8- छत और बालकनी पर: धनतेरस पर घर की छत और बालकनी में दीपक जलाने की परंपरा होती है। इससे घर में प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
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9- स्टोर रूम पर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर के स्टोर रूम में धनतेरस की शाम को एक दीपक जलाने की परंपरा होती है।
10- चौराहे पर दीपक: धनतेरस की शाम को घर के पास स्थिति चौराहे पर एक दीपक जलाने की परंपरा होती है। इस स्थान पर दीपदान करने से जीवन से बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
11- पीपल के पेड़ के नीचे: हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की परंपरा होती है। धनतेरस पर पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से देवी-देवताओं समेत पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
12- बेल पत्र के नीचे: भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत ही प्रिय होता है। ऐसे में धनतेरस पर दीपक जलाने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
13- खिड़की के पास दीपक: धनतेरस पर शाम के समय घर में बनी खिड़कियों के पास दीपक जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे जीवन में अंधकार दूर होता है और सकारात्मकता आती है।

