नई दिल्ली। देश के ऑटोमोबाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) ऑटो योजना अब बड़े परिणाम देने लगी है। केंद्र सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 44,326 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जबकि इससे 67,820 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया कि, योजना के तहत वित्त वर्ष 2020 को आधार मानते हुए ऑटो सेक्टर में 52,414 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की गई है। वहीं, पात्र कंपनियों को प्रोत्साहन के रूप में अब तक 2,386.36 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य भारत को ऑटोमोबाइल निर्माण के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके लिए कंपनियों को कम से कम 50 प्रतिशत घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) करना जरूरी रखा गया है, जिससे देश में उत्पादन बढ़े और आयात पर निर्भरता कम हो। मंत्रालय के मुताबिक, 18 कंपनियों को डीवीए प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं, जो 155 एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी उत्पादों को कवर करते हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक ऑटो तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। सरकार एथेनॉल मिश्रित ईंधन और टिकाऊ ऑटो तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है, ताकि उद्योग विकास के साथ पर्यावरण और किसानों के हितों का संतुलन बना रहे।
