रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक षिक्षा मण्डल रायपुर अध्यक्ष रेणु जी.पिल्ले के संरक्षण, सचिव पुष्पा साहू के निर्देषन एवं भारत सरकार षिक्षा मंत्रालय, परख एनसीईआरटी नई दिल्ली विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ0 इन्द्राणी भादुडी के संयोजन में 03 दिवसीय 17 से 19 सितंबर 2026 तक छत्तीसगढ़ माध्यमिक षिक्षा मण्डल के सभाकक्ष में राज्य स्तरीय होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड प्रषिक्षण सहकार्यषाला में जिला षिक्षा अधिकारी एवं पायलेट प्रोजेक्ट हेतु चयनित 99 हायर सेकण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों ने सहभागिता प्रदान किये ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मॉं सरस्वती की पुजा अर्चना सरस्वती वंदना के साथ किया गया । कार्यक्रम का सम्बोधित करते हुए उपसचिव डॉक्टर बी रघु ने अपने उद्बोधन में कहा कि केवल विषय शिक्षण ही शिक्षा है क्या ? बच्चे का पूर्व ज्ञान और परिष्कृत ज्ञान , विषयों के साथ सामाजिक, संस्कृति नैतिक ज्ञान और बच्चों के सीखने का समग्र मूल्यांकन करने के लिये 360 डिग्री प्रगतिपत्र के द्वारा ही होगा। एचपीसी कार्ड के द्वारा समस्त पहलुओं का आकलन और मूल्याकंन के द्वारा बच्चों के विकास में सहायता करना इसका मूल उद्देश्य है।
परख कोआर्डिनेटर डॉ प्रदीप कुमार साहू ने एचपीसी कार्ड क्या है, एचपीसी का उद्देष्य व विषेषताओं पर प्रकाष डालते हुए कहा कि यह पारंपरिक अकादमिक षिक्षा से परे जाकर छात्र के संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक भावनात्मक और मनोप्रेरक क्षेत्रों में संपूर्ण समाहित करता है जिसमें जीवन कौषल, मूल्य और सहपाठ्यक्रम गतिविधयां शामिल है। रिसोर्स पर्सन सीमा वर्मा ने बहुत ही सरल व सहज उदाहरण देते हुए बताये कि होलेस्टिक प्रोग्रेस कार्ड को राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी परख के द्वारा निर्माण किया गया है।
एचपीसी का प्रथम भाग बहुत ही महत्वपूर्ण जैसे कि जब कोई अभ्यर्थी आईएएस की साक्षात्कार पर जाते हैं तो साक्षात्कार लेने वाले विषेषज्ञ सबसे पहला प्रष्न करते है आपका परिचय, और अभ्यर्थी के परिचय बताने के बिन्दूओं से ही मार्किंग शुरू हो जाती है। ठीक इसी प्रकार एचपीसी के प्रथम खण्ड विद्यार्थी का सामान्य परिचय महत्वपूर्ण कड़ी है। स्व-मूल्यांकन पिछले वर्ष विद्यालय में छात्र की उपलब्धि रही, मै अध्यापकों के अनुसार पिछले वर्ष मेरे द्वारा किये गये प्रयास/समय प्रबंधन शायद ही कभी-कभी आमतौर पर प्रबंधन की बात कही गई। रिसोर्स पर्सन हारेन्द्रसिंह भुवाल ने कहा कि एच.पी.सी. क्यों ? एच.पी.सी. कैसे और एच.पी.सी. में विद्यार्थियों का समय प्रबंधन भविष्य की योजनाएँ भी शामिल हैं। एच.पी.सी. में मूल्यांकन की दो विधाओं का क्रेडिट स्कोर से कैसे करे?
डॉ माधुरी बोरेकर ने बताया कि समस्या समाधान जाँच जो कि व्यक्तिगतकार्य (लघु शोध)है जिस के माध्यम से बच्चों में समस्या पहचान के समाधान प्राप्त करने के लिये नवीन, मौलिक सृजन विधियों का उपयोग कर कार्य करेंगे। जिस से उन में जागरूकता, संवेदनशील, रचनात्मक, नैतिक, सामाजिक नेतृत्व क्षमता व्यवहारिक कौशलों का विकास होगा। रिसोर्स पर्सन राजकुमार गेण्डेª ने कहा कि कक्षा-कक्ष में बातचीत के लिए अवलोकन नमूना पर विस्तार से चर्चा करते हुए विषय, पाठ्यक्रम लक्ष्य, दक्षताएँ, षिक्षा शास्त्र, विषय, थीम संकेत, प्रष्न, समस्या, चुनौती, योजनाबद्ध अंतिम परिणाम के बारे में विस्तार से प्र्रकाष डाला गया। अंषु गुलाटी द्वारा समस्या समाधान पर विस्तार से प्रकाष डाला गया। प्रषिक्षण सहकार्यषाला को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक मनीषी सिंह, अलका जैन, षिवा सोमवंषी, अखिलेष बावनगडे एवं कार्यालयीन कर्मचारियो का विषेष योगदान रहा।
