नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सादगी भरे जीवन और संघर्षों से जुड़े कई प्रसंग साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि, कोविंद का जीवन युवाओं सहित हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मोदी ने बताया कि, राष्ट्रपति भवन के प्रोटोकॉल के बावजूद कोविंद अक्सर उन्हें विदा करने के लिए खुद कार तक आते थे। पीएम के कई बार मना करने के बावजूद उनकी सहजता में बदलाव नहीं आया।
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प्रधानमंत्री ने कोविंद के पैतृक गांव परौंख का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि, राष्ट्रपति बनने के बाद गांव पहुंचकर कोविंद ने अपने शिक्षकों का आशीर्वाद लिया और गांव की मिट्टी को नमन किया। मोदी ने इसे भारतीय संस्कारों और विनम्रता का उदाहरण बताया। कार्यक्रम में पीएम ने युवाओं को सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाने से भी आगाह किया। उन्होंने रेलवे ट्रैक पार करने का उदाहरण देते हुए कहा कि, गलत शॉर्टकट नुकसान पहुंचा सकता है। मोदी ने युवाओं को महान लोगों की आत्मकथाएं पढ़ने और उनके संघर्षों से सीख लेने की सलाह दी।
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