रायपुर। सोशल मीडिया के जरिए दोना-पत्तल निर्माण उद्योग लगाने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना डीडी नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 404/2026 में की है। आरोपी पर मशीन, कच्चा माल उपलब्ध कराने और तैयार माल खरीदने का भरोसा देकर लोगों से रकम लेने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने थाना डीडी नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने सोशल मीडिया पर दोना-पत्तल निर्माण उद्योग से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में उद्योग शुरू करने के लिए मशीन, कच्चा माल उपलब्ध कराने और तैयार उत्पाद को खरीदने का दावा किया गया था। इसी आधार पर उसने आरोपी से संपर्क किया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने खुद को कंपनी का संचालक बताते हुए उद्योग लगाने में पूरी सहायता देने का भरोसा दिलाया। उसने मशीन उपलब्ध कराने, कच्चा माल देने और तैयार माल की खरीद की व्यवस्था करने के साथ-साथ अधिक मुनाफा होने का दावा किया। इन बातों पर भरोसा कर प्रार्थी ने अलग-अलग किश्तों में आरोपी को करीब 2 लाख 95 हजार रुपये दे दिए। राशि लेने के बाद आरोपी लगातार मशीन और कच्चा माल उपलब्ध कराने में टालमटोल करता रहा। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो मशीन उपलब्ध कराई गई और न ही वादे के अनुसार अन्य सुविधाएं दी गईं। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त (पुरानी बस्ती) देवांश सिंह राठौर और थाना प्रभारी डीडी नगर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आरोपी की तलाश शुरू करते हुए तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को अधिक लाभ और व्यवसाय स्थापित करने का झांसा देकर उनसे धनराशि लेता था। पुलिस को मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 39 वर्षीय शैलेन्द्र कुमार रजक के रूप में हुई है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी ने केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि 25 से 30 अन्य लोगों को भी इसी तरह का झांसा देकर ठगी की हो सकती है। इसके अलावा अन्य राज्यों के लोगों के साथ भी धोखाधड़ी किए जाने की सूचना मिली है। पुलिस अब आरोपी के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के साथ इस ठगी में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। यदि जांच में और पीड़ित सामने आते हैं तो उनके मामलों को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा। रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर उद्योग, निवेश या अधिक मुनाफे का दावा करने वाले विज्ञापनों पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। किसी भी कंपनी या व्यक्ति को बड़ी राशि देने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की पूरी तरह जांच करें, ताकि इस तरह की साइबर और आर्थिक धोखाधड़ी से बचा जा सके।
