कांकेर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की महिलाओं और बालिकाओं ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान और स्नेह का अनूठा उदाहरण पेश किया। “वीर सिपाहियों की कलाई ना रहे सूनी” अभियान के तहत जिले की बहनों ने बड़ी संख्या में राखियां तैयार कर सैनिकों के लिए भेजीं।
पुराने बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं, सफाई कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राखियों के साथ बहनों ने अपने घर-आंगन की मिट्टी तिलक के लिए और बच्चों ने चॉकलेट व शुभकामना संदेश भी भेजे, ताकि जवानों तक अपनेपन और सम्मान का भाव पहुंचे।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सैनिक महेंद्र राणा को प्रतीकात्मक रूप से रक्षा सूत्र सौंपा गया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष महेश जैन, विधायक आसाराम नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि, कांकेर से भेजी गई ये राखियां केवल धागा नहीं, बल्कि बस्तर की माताओं-बहनों का स्नेह, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक हैं। जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस अभियान में भाग लेकर सैनिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
