बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। गुंडरदेही थाना क्षेत्र में एक पिता पर अपनी ही 12 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले में पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार,
यह पूरा मामला बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। पीड़ित बच्ची अपनी मां के साथ थाने पहुंची और अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में नाबालिग ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देरी किए अपराध दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अपराध दर्ज बालोद एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गुंडरदेही थाना में एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ उसके ही पिता द्वारा दुष्कर्म किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिगों से जुड़े अपराधों में विशेष सतर्कता बरती जाती है। इस मामले में भी पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पीड़िता के बयान सहित अन्य जरूरी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और परिवार के भीतर होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन रिश्तों में बच्चों को सबसे ज्यादा सुरक्षा और भरोसा मिलना चाहिए, वहीं इस तरह की घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की गलत हरकत या शोषण की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित थाने या सहायता केंद्र को सूचना दें। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। कई बार पीड़ित बच्चे डर, दबाव या सामाजिक कारणों से अपनी बात सामने नहीं रख पाते। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की अनदेखी न की जाए।
