बिलासपुर। जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में वार्षिक परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। 9वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षा के लिए चार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने के बाद भी केंद्र पर केवल एक ही शिक्षक मौजूद रहा। इस स्थिति ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुबह 9:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में सिर्फ शिक्षक कौशल कुर्रे ही उपस्थित थे, जबकि अन्य तीन शिक्षक समय पर नहीं पहुंचे। ऐसे में पूरी परीक्षा व्यवस्था का जिम्मा अकेले एक शिक्षक पर आ गया। उन्होंने ही विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं वितरित कीं और सभी कक्षाओं में निगरानी की जिम्मेदारी भी संभाली। इस अव्यवस्था के कारण परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अभिभावकों और ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। लोगों का कहना है कि, परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है और इससे बच्चों के भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि, स्कूल में पदस्थ अधिकांश शिक्षक बिलासपुर शहर में रहते हैं और रोजाना ट्रेन से खोंगसरा आते-जाते हैं। ट्रेन की देरी या समय पर उपलब्धता न होने के कारण वे अक्सर समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। यही वजह परीक्षा जैसे अहम दिन पर भी देखने को मिली, जब शिक्षक समय पर केंद्र तक नहीं पहुंच सके। इस मामले को लेकर कोटा के SDM अरविंद कुमार ने कहा है कि, पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी और अनुशासन की कमी को उजागर करती है, जिस पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
