दिल्ली। राजधानी में लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। शहर में 13 जोनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (ZTA) ऑफिस फिर से खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके बाद अब दिल्लीवासियों को गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य ट्रांसपोर्ट से जुड़े कामों के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही अधिकतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह दिल्ली के राजस्व जिलों का पुनर्गठन है। अब जोनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसों का गठन भी इसी नए ढांचे के आधार पर किया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक कामकाज और सेवाओं में बेहतर तालमेल बैठाया जा सके। ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार, सभी 13 जोनल ऑफिसों में DTO (डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) की तैनाती भी कर दी गई है। इससे स्थानीय स्तर पर फैसले लेने और कामों के निपटारे में तेजी आएगी। बताया गया है कि इस संबंध में आदेश 1 अप्रैल को ही जारी कर दिए गए थे और अब इसे जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले दिल्ली में ट्रांसपोर्ट विभाग के कुल 13 जोनल ऑफिस हुआ करते थे, जिससे लोगों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही सेवाएं मिल जाती थीं। हालांकि, पिछली सरकार के दौरान इनमें से कई ऑफिस बंद कर दिए गए, जबकि कुछ को मर्ज कर दिया गया।इसके साथ ही, ट्रांसपोर्ट विभाग की कई सेवाओं को डोर-स्टेप डिलीवरी सिस्टम में शामिल कर लिया गया, जिससे भौतिक कार्यालयों की संख्या कम कर दी गई। इस बदलाव के बाद पूरी दिल्ली में सिर्फ 4 जोनल ऑफिस ही संचालित रह गए थे। इनमें ईस्ट दिल्ली के लिए मयूर विहार, वेस्ट दिल्ली के लिए द्वारका, साउथ दिल्ली के लिए सराय काले खां और नॉर्थ दिल्ली के लिए माल रोड स्थित जोनल ऑफिस काम कर रहे थे।
चार ही जोनल ऑफिस होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। छोटे-छोटे कामों के लिए भी लोगों को अपने घर से काफी दूर स्थित दफ्तरों तक जाना पड़ता था। उदाहरण के तौर पर, भजनपुरा और यमुना विहार जैसे इलाकों के लोगों को अपने काम के लिए मयूर विहार तक जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होती थी। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर सभी 13 जोनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसों को शुरू करने का फैसला लिया है। इस फैसले से वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और अन्य सेवाएं लोगों के घर के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी।
