त्योहारों में रेलवे की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अरुण वोरा ने उठाए सवाल – “त्योहारों में जनता को भगवान भरोसे छोड़ रही सरकार”

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दुर्ग। त्योहारों के अवसर पर रेलवे की अव्यवस्थाओं, ट्रेनों के अनियमित परिचालन, लंबी प्रतीक्षा सूची और पर्याप्त यात्री सुविधाओं के अभाव को लेकर दुर्ग शहर के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों का समय परिवारों के साथ खुशियां बांटने, अपनों से मिलने और घर लौटने का होता है, लेकिन रेलवे की अव्यवस्थाओं के चलते आम नागरिकों के लिए यह सफर राहत के बजाय परेशानी और अनिश्चितता का कारण बनता जा रहा है।

वोरा ने कहा कि त्योहारों के दौरान देशभर में यात्रियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। इसकी जानकारी रेलवे को पहले से होती है, इसके बावजूद यात्रियों की संभावित भीड़ के अनुरूप ट्रेनों, अतिरिक्त कोचों और विशेष रेल सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखाई देती। नतीजतन आरक्षण के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची, तत्काल टिकटों की सीमित उपलब्धता और सामान्य श्रेणी के डिब्बों में अत्यधिक भीड़ यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। परिवार के साथ यात्रा करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार यात्रियों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि ट्रेनों का घंटों विलंब से चलना, अंतिम समय पर उनका रद्द होना और बार-बार मार्ग परिवर्तन जैसी समस्याएं यात्रियों की पूरी यात्रा योजना को प्रभावित करती हैं।

वोरा ने कहा कि रेलवे की प्राथमिकता आम नागरिक की सुविधा होनी चाहिए, न कि उसकी परेशानी को व्यवस्था का सामान्य हिस्सा मान लेना।