गरियाबंद। अर्नब चक्रवात आने के कारण बारिश और तेज हवाओं ने धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है दो दिनों से जारी इस खराब मौसम के कारण खेतों में खड़ी धान की फसलें गिर गई हैं साथ ही पक कर तैयार हो चुके फसलो की बीज खराब होने की संभावना से किसान डरे हुए है। इन दिनों मैनपुर, हरदीभाठा, भाठीगढ़, गोपालपुर, कोदोभाठ, साल्हेभाठ, गौरघाट, देहारगुड़ा, दबनई, गिरहोला, गोबरा, मैनपुरकला, जाड़ापदर, जिडार, कुल्हाड़ीघाट, शोभा, गोना, गौरगांव, कोकड़ी, गरहाडीह, इंदागांव, कोयबा, बरगांव, कुर्रूभाठा, साहेबिनकछार, करलाझर, बरदूला, बोईरगांव, झरियाबाहरा, तौरेंगा, कोदोमाली, भूतबेडा, अडग़ड़ी, शुक्लाभाठा, धुरवागुड़ी, खोखमा, सिहारलटी, अमलीपदर, गोहरापदर, चलनापदर आदि ग्रामो मे कटाई अभी शुरू हुआ है दीपावली का मुख्य त्यौहार सिर पर है इस बार देश के अन्नदाताओं के लिए खुशियों की जगह गहरी चिंता लेकर आया है।
त्योहार से ठीक पहले अचानक शुरू हुई बेमौसम मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और तूफान ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे किसानों का बुरा हाल है। खेतों में पानी भर जाने से कटे हुए धान के सडऩे और काले पडऩे का खतरा पैदा हो गया है, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई है मैनपुर सहित दर्जनो अंचलो मे पककर तैयार हो चुकी धान की फसलें बारिश और तूफान से खेतों में ही गिर गई हैं, जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है यह बेमौसम बारिश और तेज हवाएं किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
किसान नेता टीकम कपिल, जन्मेजय नेताम, थानूराम पटेल, भागीरथी पटेल, नरेन्द्र साहू, राजेन्द्र साहू, रामजी साहू ने बताया कि यह अर्नब चक्रवात और बारिश न केवल तैयार फसलों को बल्कि कुछ दिनों बाद पकने वाली धान की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रही है इस बेमौसम बारिश और तूफान से क्षेत्र के किसानों की कड़ी मेहनत और पूंजी बर्बाद होने के कगार पर है। जमीन पर गिरे धान फसल, करपा, बीड़ा व खलिहानों में रखे धान भींग गए हैं इससे किसानों को भारी नुकसान होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
किसान सुधीर ठाकुर, गुंजेश कपिल, गीतेश कुमार, किशोर साहू, मुरारी पटेल ने बताया कि इस बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दिया खेतों में तैयार धान फसल पानी में भीग गए जमीन पर गिरे धान, करपा, बीड़ा व खलिहानों पर रखे धान भीगने से अंकुरित होने लगे हैं इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है खेतो मे पानी होने से कटाई-मिंजाई बंद है कई किसान फसल बचाने खेतों में भरे पानी से फसल को निकाल रहे हैं इस साल बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा और तूफान के और तेज होने की संभावना है।
किसानों का कहना है कि यदि तूफान और तेज हुआ तो पूरी धान की फसल खेतों में गिर जाएगी, जिससे उनकी गाढ़ी कमाई पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। धान की बालियों पर पानी पडते ही बालियों के खराब व कालापन आ जायेगा इसके बाद इन फसलो को सहकारी समिति मे बेचना किसानो के लिये टेढी खीर साबित हो जाती है गुणवत्ता के नाम पर किसानो के फसलो को खरीदी केन्द्रो से लौटाया जा सकता है इसके बाद अडतिया और व्यापारी किसानो से औने पौने दामो पर खरीदने को मजबूर होगें।
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फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को अब खेती के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने की चिंता सता रही है। इस विकट स्थिति से परेशान अन्नदाताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से तुरंत खेतों का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने अपील की है कि जल्द से जल्द फसल नुकसान का आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनके परिवारों को कुछ आर्थिक संबल मिल सके।
