बिलासपुर। जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की छात्राओं ने 13 दिन के भीतर दूसरी बार कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। पूर्व में शिकायत करने के बाद भी कोई कदम न उठाए जाने से नाराज छात्राओं ने विद्यालय के शिक्षकों पर वित्तीय अनियमितता, शैक्षणिक लापरवाही, अभद्र व्यवहार और मियाद पूरी हो चुके सेनेटरी पैड बांटने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी शिक्षकों को तत्काल निलंबित करने तथा आरोप प्रमाणित होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
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रिकॉर्ड में गड़बड़ी और अंक काटने की चेतावनी:
छात्राओं ने एएफ प्रभारी शिक्षिका संगीता यादव पर पिछले तीन वर्ष का रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और आवंटन राशि के हिसाब में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। छात्राओं का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें प्रोजेक्ट के अंक काटने और वार्षिक परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, छात्राओं ने संस्कृत व्याख्याता संजय दुबे पर कक्षा में पढ़ाई के दौरान लापरवाही बरतने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और अश्लील टिप्पणियां करने के आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने व्याख्याता की शैक्षणिक डिग्री और अन्य दस्तावेज की वैधता पर सवाल उठाते हुए उनकी जांच कराने की मांग की है।
मियाद पूरी हो चुके सेनेटरी पैड बांटने का मामला:
गणित व्याख्याता काजल सोन पर भी छात्राओं ने कक्षा दसवीं में गणित नहीं पढ़ाने तथा शासन की ओर से मिलने वाले निशुल्क सेनेटरी पैड के वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया है। छात्राओं का दावा है कि मियाद पूरी हो चुके पैड बांटे गए, जिससे एक छात्रा की तबीयत प्रभावित हुई। उन्होंने इस शिकायत की भी गहन जांच कराने की मांग की है।
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शिक्षकों के निलंबन व प्राथमिकी दर्ज करने की मांग:
छात्राओं ने कलेक्ट्रेट में सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि इन समस्याओं से उनकी पढ़ाई निरंतर प्रभावित हो रही है और विद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित शिक्षकों को निलंबित करने और आरोप प्रमाणित होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगी।
