नई दिल्ली। त्योहारी सीजन के बीच देश के लाखों रेल कर्मचारियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आगामी बुधवार को होने वाली बैठक में रेलवे कर्मचारियों के लिए उत्पादकता-आधारित बोनस (पीएलबी) के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की संभावना है। यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो रेलवे के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को सालाना बोनस मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि, कैबिनेट में प्रस्ताव पर चर्चा होना ही बोनस की अंतिम स्वीकृति या निश्चित राशि की पुष्टि नहीं करता है।
कैबिनेट की बैठक में क्या है खास प्रस्ताव?:
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट बुधवार को रेलवे कर्मचारियों को दिए जाने वाले वार्षिक उत्पादकता आधारित बोनस पर विचार करने जा रही है। यह बोनस रेलवे परिचालन में कर्मचारियों की कार्यकुशलता और बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल दिया जाता है। हालांकि, इस प्रस्ताव के विस्तृत ब्यौरे और सरकार के अंतिम फैसले की जानकारी कैबिनेट बैठक संपन्न होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
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फिलहाल कितना मिलता है बोनस और कैसे होती है गणना?:
- मौजूदा व्यवस्था के तहत पात्र गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को 17,951 रुपये का बोनस मिलता है।
- इस बोनस की गणना 7,000 रुपये प्रति माहइकी वेतन सीमा के आधार पर की जाती है।
- इसमें 78 दिनों के वेतन को आधार माना जाता है।
- ध्यान देने वाली बात यह है कि बोनस गणना की यह 7,000 रुपये की सीलिंग साल 2014-15 से अब तक अपरिवर्तित रही है।
कर्मचारी संघों की क्या हैं प्रमुख मांगें?:
वेतन सीमा में पिछले कई वर्षों से कोई बदलाव न होने के कारण रेल कर्मचारी संगठनों में संशोधन की मांग तेज हो गई है। ‘इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन’ (आईआरटीएसए) ने सरकार से बोनस गणना का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की है। संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- सीलिंग में बढ़ोतरी: लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए बोनस की वेतन सीमा को बढ़ाकर 18,000 रुपये प्लस महंगाई भत्ता (डीए) किया जाए।
- न्यूनतम वेतन का तर्क: एसोसिएशन का तर्क है कि जब अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन ही 21,000 रुपये है, तो बोनस के लिए 7,000 रुपये की सीमा पुरानी और अप्रासंगिक हो चुकी है।
- बोनस राशि में इजाफा: 18,000 रुपये की वेतन सीमा के आधार पर कर्मचारियों का वार्षिक बोनस कम से कम 46,184 रुपये तय किया जाना चाहिए।
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सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी पत्र पर रेलवे बोर्ड ने क्या दी चेतावनी?:
कैबिनेट की बैठक की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर बोनस को लेकर एक फर्जी पत्र भी वायरल हो गया था। 6 अक्तूबर की तारीख वाले इस जाली पत्र में दावा किया गया था कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 78 दिनों के बोनस के रूप में 41,149 रुपये की मंजूरी दे दी है।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 7 अक्तूबर को सभी रेलवे जनरल मैनेजरों को पत्र जारी कर सचेत किया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह पत्र पूरी तरह फर्जी है और इस पर किए गए हस्ताक्षर जाली हैं। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि:
- कोई भी रेल कार्यालय इस फर्जी पत्र के आधार पर भुगतान की कार्रवाई न करे।
सभी अधिकारी और कर्मचारी बोनस से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए केवल रेलवे बोर्ड या रेल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
आगे क्या होगा?:
बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर पूरे देश के रेल कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या सरकार पुरानी 7,000 रुपये की सीलिंग पर ही 78 दिनों का बोनस मंजूर करती है या कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही सीलिंग बढ़ाने की मांग पर कोई सकारात्मक रुख अपनाती है।
