कृषि अधिकारी बनकर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, प्रिंसिपल निकला मास्टरमाइंड

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बिलासपुर। कोटा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कृषि अधिकारी बनकर गांवों में सर्वे के नाम पर रेकी करने और सूने मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टर माइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मास्टर माइंड जूते की दुकान चलाने वाला एक स्नातक युवा है, जबकि उसका एक सहयोगी पहले स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्य कर चुका है। पुलिस ने बिलासपुर और कोरबा जिले में हुई 10 चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के गहने, 1.30 लाख रुपये नकद, चोरी की रकम से खरीदी गई क्रेटा कार और बुलेट मोटर साइकिल सहित करीब 20 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।

फर्जी अधिकारी बनकर रेकी:
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में दिनदहाड़े हो रही चोरी की वारदात की जांच के दौरान इस गिरोह के काम करने के अनोखे तरीके का खुलासा हुआ। ग्रामीणों को किसी भी तरह का संदेह न हो इसके लिए आरोपी सामान्य लोगों की तरह मोटर साइकिल पर सवार होकर गांवों में घूमते थे। वे खुद को कृषि विभाग का अधिकारी बताते थे और कृषि सर्वे करने का झांसा देकर गांवों में रेकी करते थे। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी के काम से लोगों के घरों से बाहर रहने के समय का आरोपी फायदा उठाते थे और आउटर में स्थित सूने मकानों का ताला लगा देखकर तुरंत ताला तोड़कर अंदर घुसते थे और चंद मिनटों में अलमारी या पेटी में रखे जेवर और नकदी समेटकर चंपत हो जाते थे। कैमरों की नजर से बचने के लिए आरोपी चेहरे को कपड़े से ढंककर तथा हेलमेट पहनकर वारदात को अंजाम देते थे।

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चोरी के पैसों से वाहन खरीदे:
एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के डिपरापारा निवासी 33 वर्षीय विनोद कुमार वासुदेव, 43 वर्षीय भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी और 19 वर्षीय राज प्रजापति उर्फ लल्लू के रूप में हुई है। गिरोह का मास्टर माइंड विनोद कुमार वासुदेव स्नातक पास है और लोगों के बीच अपनी छवि एक सामान्य कारोबारी की बनाए रखने के लिए उसने जूते की दुकान खोल रखी थी।

दूसरा आरोपी भूपेंद्र सिंह राठौर स्नातकोत्तर तक पढ़ा-लिखा है और पूर्व में एक स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत था। नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने अपराध की राह चुन ली। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि विनोद ने चोरी के पैसों से एक क्रेटा कार खरीदी थी और उसकी मासिक किश्तें भी चोरी की रकम से चुकाता था। वहीं तीसरे आरोपी राज प्रजापति ने चोरी की रकम से अपने चाचा के नाम पर एक बुलेट मोटर साइकिल खरीदी थी।

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पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने:
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपये नकद, एक क्रेटा कार, एक बुलेट और चोरी में प्रयुक्त एक अन्य मोटर साइकिल जब्त की है।

इस कार्रवाई से बिलासपुर जिले के कोटा, रतनपुर, बिल्हा, पचपेड़ी और बेलगहना चौकी क्षेत्र के नौ मामलों के साथ कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र की एक चोरी का मामला सुलझ गया है। आरोपियों का पिछला रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि तीनों आरोपी वर्ष 2022 और 2023 में जांजगीर जिले में दिनदहाड़े हुई चोरी के 19 मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं।

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