o ’कोयलीबेड़ा में खुली मावा मोदोल लाइब्रेरी, 300 से अधिक विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन’ .
o ’75 सीटों पर पांच पालियों में होगी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगी निःशुल्क सुविधा’
o ’कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशन में जिला प्रशासन की पहल, सांसद भोजराज नाग और विधायक विक्रम देव उसेंडी की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ’
कांकेर। जिले के नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की पहुंच मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशन में कोयलीबेड़ा ब्लॉक में शनिवार को मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। इस निःशुल्क अध्ययन सुविधा से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही इलाके में शांत, व्यवस्थित और अनुकूल वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यह पहल युवाओं के सपनों को नई दिशा देने के साथ उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी।
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75 सीटों पर पांच पालियों में मिलेगी अध्ययन सुविधा:
मावा मोदोल लाइब्रेरी में एक समय में 75 विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी का संचालन सुबह 09 बजे से शाम 07 बजे तक पांच पालियों में किया जाएगा। इससे अलग-अलग समय पर अधिक से अधिक विद्यार्थी अध्ययन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लाइब्रेरी के शुभारंभ के दौरान ही 300 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। यह आंकड़ा क्षेत्र के युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर भविष्य बनाने के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
पीएससी से लेकर शिक्षक भर्ती तक की पुस्तकों की व्यवस्था
जिला प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी पुस्तकों की व्यवस्था की गई है। यहां छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी पीएससी), कर्मचारी चयन मंडल, बैंकिंग, पुलिस भर्ती, वन विभाग, शिक्षक भर्ती तथा अन्य स्थानीय भर्तियों से संबंधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही ऐतिहासिक महत्व की पुस्तकों को भी रखा गया है, जिससे विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान और इतिहास संबंधी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
लाइब्रेरी में शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण तथा पुस्तकालय संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थी नियमित पढ़ाई कर अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों की दूरस्थ शहरों पर निर्भरता कम करना और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन के अवसर उपलब्ध कराना है।
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सांसद और विधायक की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ:
मावा मोदोल लाइब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग एवं अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम देव उसेंडी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर शिक्षा को ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से अपने लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
शिक्षा से बदलेगी दूरस्थ अंचल की तस्वीर:
कोयलीबेड़ा जैसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्र में निःशुल्क लाइब्रेरी की स्थापना केवल पढ़ने की जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय युवाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पर्याप्त संसाधनों के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों को इससे नई उम्मीद मिलेगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। मावा मोदोल लाइब्रेरी के माध्यम से क्षेत्र में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की राह आसान बनाने की उम्मीद है।
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