नई दिल्ली। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में दो दिन की राहत रैली के बाद फिर से बिकवाली शुरू हो गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 453.35 अंक गिरकर 72,614.46 पर आ गया। निफ्टी भी 164.90 अंक की गिरावट के साथ 22,611.20 पर पहुंच गया। निवेशकों का ध्यान अब भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के परिणाम पर केंद्रित है। बाजार में व्यापक बिकवाली का दबाव देखा गया। निवेशक केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। टाइटन और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में बाजार की चौड़ाई कमजोर रही, जो अधिकांश प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली को दर्शाती है।
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किन क्षेत्रों में दिखी गिरावट और बढ़त?
भारतीय क्षेत्रीय सूचकांकों में व्यापक रूप से गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, धातु, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और एफएमसीजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई। सूचना प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक और रियल्टी सूचकांक भी गिरे। हालांकि, मीडिया एकमात्र ऐसा क्षेत्रीय सूचकांक रहा जिसने बढ़त हासिल की। फार्मा और स्वास्थ्य सेवा के शेयर अपेक्षाकृत मजबूत बने रहे।
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वैश्विक बाजारों का क्या रहा हाल?
वैश्विक बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। टोक्यो समय अनुसार सुबह 11:56 बजे एसएंडपी 500 वायदा और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 लगभग अपरिवर्तित रहे। जापान का निक्केई 225 वायदा (ओएसई) 0.7 फीसदी गिरा। जापान का टॉपिक्स 0.6 फीसदी नीचे आया। हांगकांग का हैंग सेंग और यूरो स्टॉक्स 50 वायदा दोनों 0.7 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।
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