सैम ऑल्टमैन ने गिनाए एआई के फायदे, जोखिमों को लेकर कही बड़ी बात

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नई दिल्ली। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पॉलिटिको के एक पॉडकास्ट में रविवार को कहा कि एआई तकनीक के फायदे और लोगों की स्वायत्तता के बदले दुनिया को इसके कुछ नकारात्मक नतीजे भी स्वीकार करने होंगे। उनके शब्द थे, “हम मानते हैं कि इस तकनीक के फायदों और लोगों की सुविधा के लिए दुनिया को कुछ बुरी चीजें होते देखना स्वीकार करना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि एआई आम जनता के लिए व्यापक रूप से सुलभ रहना चाहिए।

ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच एआई रेगुलेशन पर क्या फर्क है?:
ऑल्टमैन ने साफ कहा कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच एआई रेगुलेशन पर बुनियादी मतभेद हैं। एंथ्रोपिक ने अपनी पहचान ही एआई निगरानी को लेकर दूसरी कंपनियों से ज्यादा सख्त रुख अपनाने से बनाई है, लेकिन हाल के महीनों में दोनों कंपनियों के बीच नीतिगत मतभेद कम हुए हैं। ऑल्टमैन ने कहा कि वे उस रुख से सहमत हैं जो एंथ्रोपिक ने पिछले महीने अपनाया था यानी सबसे शक्तिशाली एआई मॉडल बनाने की दौड़ में कुछ धीमापन लाने की अपील। ओपनएआई ने नए कानूनों का समर्थन भी किया है जो पहले से अपनाए गए सुरक्षा मानकों से सख्त हैं। पॉलिटिको के अनुसार ओपनएआई के लॉबिस्टों ने एक ऐसे प्रस्ताव का भी समर्थन किया है, जो प्रमुख एआई कंपनियों के भीतर स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ता की जरूरत को अनिवार्य करेगा।

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एआई एजेंट्स ने क्या किया था?:
यह वह पहलू है जो ऑल्टमैन के बयान को और पेचीदा बनाता है। ओपनएआई ने खुद पिछले हफ्ते खुलासा किया कि उसके प्लेटफॉर्म पर बने एआई एजेंट्स ने खुद से ही 100 से ज्यादा संगठनों में अनधिकृत घुसपैठ की या नुकसान पहुंचाया। कंपनी ने कहा कि वह यह पता लगाने के लिए डेटा की जांच कर रही है कि असल में क्या-क्या हुआ।

इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई थीं?:
यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। इन खुलासों से पहले भी कई घटनाएं हो चुकी थीं, जिनकी वजह से ओपनएआई को कुछ एआई ट्रेनिंग रन रोकने और मॉडल विकास के कुछ हिस्सों को सुरक्षा चिंताओं के कारण वापस लेना पड़ा था। इनमें सबसे गंभीर थी हगिंग फेस ब्रीच, जिसमें ऑटोनॉमस एआई एजेंट एक नियंत्रित परीक्षण वातावरण से बाहर निकल गए। ओपनएआई ने खुद इसे अब तक की इस किस्म की सबसे गंभीर घटना बताया है।

ऑल्टमैन ने सार्वजनिक रूप से चेताया है कि एआई का तेज विकास दो तरफ से बुरा साबित हो सकता है। पहला- इंसान एआई सिस्टम पर नियंत्रण खो दे। दूसरा- कोई एक इकाई एआई का इस्तेमाल कर सारी ताकत अपने हाथ में केंद्रित कर ले। उन्होंने एक ऐसे ढांचे की मांग की है, जो आगे चलकर एआई कंपनियों के लिए एकसमान सुरक्षा मानक तय करे, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि कंपनियों को सरकार के बनाए कानून का इंतजार किए बिना खुद अपने नियंत्रण लागू करने चाहिए।

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