रायपुर। राजनांदगांव-खैरागढ़ मुख्य मार्ग के नवीनीकरण और उन्नयन के साथ राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग ने चार वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई है। समिति निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मापदंडों और शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर तीन दिन के भीतर प्रमुख अभियंता को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति में मुख्य अभियंता व्ही.एस. कोरम, अधीक्षण अभियंता राजीव नशीने तथा कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना और सी.एस. ओगरे शामिल हैं।
जांच के दौरान दोनों परियोजनाओं में जीएसबी, डब्ल्यूएमएम, सब-ग्रेड, डामरीकरण, बिटुमिन की मात्रा, सड़क की मोटाई, घनत्व, ग्रेडेशन, लेवल और अंडुलेशन सहित तकनीकी मानकों की प्रयोगशाला स्तर पर जांच की जाएगी। समिति यह भी देखेगी कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की क्या भूमिका रही। इसके अलावा स्वतंत्र संस्था से उच्चस्तरीय जांच कराने की जरूरत और जांच पूरी होने तक संबंधित कार्यों के भुगतान पर रोक लगाने के संबंध में भी रिपोर्ट में सुझाव दिया जाएगा।
शिकायतों में गुणवत्ता से समझौता, वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। वहीं डोंगरगांव-कुमरदा सहित उन स्थानों पर भी स्थिति की समीक्षा होगी, जहां सड़क उखाड़कर काम अधूरा छोड़े जाने की बात सामने आई है। ऐसे हिस्सों में सुरक्षित यातायात के लिए तत्काल मरम्मत, चेतावनी संकेतक और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में समिति सुझाव देगी। तीन दिन में रिपोर्ट मिलने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।

