कोरबा। रजगामार चौकी और बालकोनगर थाना पुलिस ने सात लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे हनुमान प्रसाद यादव (38) को रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने मकान, जमीन और मलबा बेचने का इकरारनामा कर रकम लेने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराई और कथित तौर पर जमीन किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दी। आरोपी के खिलाफ एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत तीन स्थायी वारंट भी लंबित थे।
पुलिस के अनुसार रजगामार निवासी सिकंदर की शिकायत पर मामले की जांच शुरू हुई थी। शिकायत में बताया गया कि 22 नवंबर 2023 को हनुमान प्रसाद यादव और उसकी पत्नी अनीता यादव ने मकान, जमीन और मलबे की बिक्री को लेकर इकरारनामा किया था। इसके बदले सात लाख रुपये लिए गए, लेकिन बाद में न तो संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई और न मलबा दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इकरारनामा होने के बावजूद जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई। मामले में रजगामार चौकी में अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत धारा 420 और 34 आईपीसी में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही थी।
पुलिस टीम को 1 अक्टूबर को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस लौट रहा है। इसके बाद रतनपुर बस स्टैंड पर घेराबंदी कर बस से पहुंचते ही उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2022 और 2024 के चेक अनादरण से जुड़े मामलों में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत तीन स्थायी वारंट भी जारी थे। गिरफ्तारी के बाद इन मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। आरोपी को 2 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 16 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कार्रवाई में रजगामार चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह और प्रधान आरक्षक केरोबीन की भूमिका रही।
