नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की। दिल्ली, पटना, चंडीगढ़, मणिपुर, जम्मू, कोलकाता, लखनऊ, भुवनेश्वर, हैदराबाद, शिमला और देहरादून समेत कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अवरोधक लगाए, जबकि कुछ जगहों पर पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने वाले थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में अवरोधक लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद गोगोई और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। कांग्रेस ने इससे पहले अपने प्रदेश संगठनों को 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने और 28 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया था।
बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन कार्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढऩे से रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए सख्ती की और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग समेत कई कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
मणिपुर की राजधानी इंफाल में लैंफेल स्थित चुनाव कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया। जम्मू में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन को हिरासत में लिया गया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। ओडिशा के भुवनेश्वर में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन कार्यालय के बाहर विरोध जताया।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। हिमाचल प्रदेश के शिमला और उत्तराखंड के देहरादून में भी मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की।
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कांग्रेस का यह देशव्यापी प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है। पार्टी का आरोप है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और उसने निर्वाचन आयोग के फैसलों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की ओर से प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग स्तरों पर स्पष्टीकरण दिए गए हैं। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और व्यापक कर सकती है। पार्टी ने 28 सितंबर को जिला स्तर पर भी प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।

