पिंक ई-ऑटो ने बदली रेशम साहू की जिंदगी, 8-10 हजार की आय से पहुंचीं 25-30 हजार रुपये तक

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रायपुर। कभी सीमित आमदनी के कारण परिवार का खर्च चलाने के लिए उधार लेना पड़ता था, लेकिन अब अभनपुर विकासखंड के ग्राम बेंद्री की रेशम साहू पिंक ई-ऑटो चलाकर हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये तक कमा रही हैं। ‘कल्याणी समर्थन महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ी रेशम पहले अपने पति हरीश साहू के साथ जनरल स्टोर और सिलाई का काम करती थीं। दोनों की संयुक्त मासिक आय करीब 8 से 10 हजार रुपये थी। कारोबार बढ़ाने के लिए उन्होंने 60 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो ब्याज और आर्थिक नुकसान के कारण बढ़कर 1.83 लाख रुपये तक पहुंच गया। इसके अलावा 12 हजार रुपये की मासिक ऋण किस्त का भी बोझ था। पिंक ई-ऑटो मिलने के बाद रेशम ने खुद वाहन चलाना शुरू किया और बढ़ी आमदनी से कर्ज चुकाने के साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करना आसान हुआ।

‘प्रोजेक्ट पिंक ई-ऑटो’ के तहत महिलाओं को आजीविका से जोड़ने की पहल नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना के दोनों चरणों में अब तक 92 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ई-ऑटो उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें पहले चरण की 40 और दूसरे चरण की 52 महिलाएं शामिल हैं। रेशम साहू का कहना है कि ई-ऑटो ने उन्हें अपनी मेहनत से कमाई करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर दिया। पहल के तहत महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ नवा रायपुर में महिला-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने का भी उद्देश्य बताया गया है।