जयपुर । राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए शहरी क्षेत्रों में अपना दबदबा कायम किया है। घोषित 309 सीटों के नतीजों में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 103 सीटों से संतोष करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 43 सीटों पर बाजी मारी। इस जीत के साथ 10 नगर निगमों, 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं में नई शहरी सरकारों के गठन का रास्ता साफ हो गया है।नगर निकाय चुनाव के लिए मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे शुरू हुई और पूरे राज्य में एक साथ वोटों की गिनती की गई। चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में कराए गए थे। दोनों चरणों में कुल 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के मुकाबले तीन प्रतिशत से अधिक रहा।
इन चुनावों में कुल 38,889 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा ने 9,290 और कांग्रेस ने 9,027 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था। निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक 18,732 रही। इनके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के 948, आम आदमी पार्टी के 311, बहुजन समाज पार्टी के 298, माकपा के 185 और भारत आदिवासी पार्टी के 98 उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए ये निकाय चुनाव काफी अहम माने जा रहे थे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा के सामने शहरी राजस्थान में अपनी पकड़ मजबूत करने की चुनौती थी। निकाय चुनाव के नतीजों से पार्टी को इस मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है।
वहीं, कांग्रेस के लिए ये चुनाव विधानसभा चुनाव में हार के बाद अपने संगठन और जनाधार को परखने का महत्वपूर्ण मौका था। 103 सीटों पर जीत के बावजूद कांग्रेस भाजपा से काफी पीछे रही। निकाय चुनाव के नतीजे राजस्थान के शहरी इलाकों में मतदाताओं के रुझान के साथ-साथ दोनों प्रमुख दलों की वार्ड स्तर पर संगठनात्मक ताकत का भी संकेत दे रहे हैं।
