कांकेर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिला एवं सत्र न्यायालय, कांकेर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार टामक द्वारा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं से आपसी सहमति के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु सहयोग करने की अपील की गई।
उक्त नेशनल लोक अदालत में कुल 1,12,307 प्रकरणों का तात्कालिक निराकरण किया गया। जिले में कुल 12 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिनमें जिला न्यायालय कांकेर में 08, तालुका भानुप्रतापपुर में 02 एवं तालुका पखांजूर में 02 खंडपीठ का गठन किया गया था। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से 985 लंबित प्रकरणों में कुल 643 प्रकरण निराकृत किया गया, जिसमें कुल 2,37,82,268 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों जैसे बैंक वसूली, विद्युत एवं जलकर, टेलीफोन आदि के 1,11,664 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें सभी प्रकरणों का निराकरण हुआ एवं 28,49,606 रुपये की राशि समझौते के माध्यम से वसूल की गई। नेशनल लोक अदालत के अवसर पर न्यायालय परिसर में चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों का नेत्र परीक्षण भी किया गया। इसके अतिरिक्त यातायात विभाग द्वारा नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
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साथ ही आरटीओ विभाग द्वारा भी सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की जानकारी देकर नागरिकों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” थीम के अंतर्गत न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया, वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण का संदेश दिया गया।
नेशनल लोक अदालत में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विभा पांडे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भास्कर मिश्र, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शांति प्रभु जैन, योगेश साहू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ कांकेर एवं अन्य न्यायिक अधिकारिगण उपस्थित रहे।


