चेन्नई। तमिलनाडु में तमिलगा वैत्री कडग़म और कांग्रेस के बीच बने राजनीतिक गठबंधन को अब नया नाम मिल गया है। यह गठबंधन अब ‘धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय विजय गठबंधन के नाम से जाना जाएगा। गठबंधन में तमिलगा वैत्री कडग़म और कांग्रेस के अलावा विदुथलाई चिरुथाइगल काची, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कडग़म और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग भी शामिल हैं।
गठबंधन की ओर से सभी प्रमुख नेताओं की एक तस्वीर भी जारी की गई है। इसमें तमिलगा वैत्री कडग़म के प्रमुख और मुख्यमंत्री थलापति विजय सुनहरे रंग का कुर्ता और धोती पहने नजर आ रहे हैं। विजय ने तस्वीर में अंगूठा ऊपर करके गठबंधन के प्रति समर्थन और विश्वास का संकेत दिया। गठबंधन का नाम तय करने के लिए चेन्नई स्थित तमिलगा वैत्री कडग़म के मुख्यालय में प्रमुख घटक दलों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कडग़म और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेताओं ने हिस्सा लिया।
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कांग्रेस की ओर से मनिकम टैगोर, थारगई कथबर्ट और प्रवीण चक्रवर्ती बैठक में शामिल हुए। विदुथलाई चिरुथाइगल काची की ओर से थोल थिरुमावलवन, वन्नी अरासु, रवि कुमार और सिंथनाई सेलवन मौजूद रहे। वहीं मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कडग़म की ओर से वाइको और दुरई वाइको तथा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की ओर से के.एम. कादर मोइदीन और शाहजहां बैठक में शामिल हुए।
हालांकि, सरकार का समर्थन करने वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। दोनों दलों के बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। गठबंधन के भविष्य और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर घटक दलों के बीच आगे भी विचार-विमर्श जारी रहने की संभावना है।
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बैठक में केवल गठबंधन के नाम पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, नेताओं ने साझा न्यूनतम कार्यक्रम का मसौदा तैयार करने पर चर्चा की। इसके अलावा गठबंधन के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए संचालन समिति के गठन और गठबंधन के संयोजक का नाम तय करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विधानसभा चुनाव में तमिलगा वैत्री कडग़म ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं कांग्रेस को पांच सीटें मिली थीं। विदुथलाई चिरुथाइगल काची, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने दो-दो सीटों पर जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बातचीत और समर्थन के समीकरणों के बाद थलापति विजय मुख्यमंत्री बने थे। अब नए गठबंधन के नाम और उसकी संगठनात्मक संरचना तय होने के बाद राज्य की राजनीति में गठबंधन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ विचारधारा, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक मुद्दे रहे हैं। ऐसे में गठबंधन के नाम में धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और विजय जैसे शब्दों को शामिल करना इसके राजनीतिक संदेश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब साझा न्यूनतम कार्यक्रम, संचालन समिति और संयोजक के नाम पर अंतिम निर्णय के बाद गठबंधन की आगामी रणनीति और प्राथमिकताएं और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
