धनोरा। धनोरा थाना परिसर में साइबर सुरक्षा, ग्राम सुरक्षा, शांति-व्यवस्था और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय को लेकर पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्थानीय समस्याओं का आपसी संवाद एवं समन्वय से समाधान करने पर चर्चा हुई।
बैठक में ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने गांवों में साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक ने गांवों में पनप रहे अपराध, अवैध गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और आपसी विवादों की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने की अपील की। साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद मजबूत करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में बेझिझक पुलिस से संपर्क करने पर जोर दिया गया।
बैठक में छोटे-मोटे जमीनी एवं अन्य विवादों को प्रारंभिक स्तर पर आपसी बातचीत, समझाइश और समन्वय से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री व वितरण पर रोक लगाने तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पुलिस और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया गया।
साइबर जागृति अभियान के तहत उपस्थित जनप्रतिनिधियों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए। जनप्रतिनिधियों ने साइबर जागरूकता सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा की, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंच सके। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें और साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
बैठक का उद्देश्य पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच निरंतर संवाद स्थापित कर सुरक्षित, नशामुक्त, अपराधमुक्त एवं शांतिपूर्ण ग्राम व्यवस्था को मजबूत करना है। पुलिस ने जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
