रायपुर। जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना भाऊ पटोले ने कहा कि वर्तमान प्रश्नावली से जातीय आंकड़ों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उनके मुताबिक, एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपजातियां और वर्तनी दर्ज होने से वास्तविक आंकड़े प्रभावित हो सकते हैं। पटोले ने सुझाव दिया कि ओपन-एंडेड जवाबों की जगह सरकार को प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि सभी राज्यों में एक समान तरीके से जानकारी दर्ज हो सके। उन्होंने कहा कि तेलंगाना और बिहार में अपनाए गए मॉडल का अध्ययन कर नई प्रश्नावली तैयार की जानी चाहिए।
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कांग्रेस का कहना है कि नई व्यवस्था बनाने से पहले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। पार्टी ने दावा किया कि मौजूदा प्रारूप में ओबीसी, ईबीसी और अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक आबादी का सही आकलन प्रभावित हो सकता है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि जातिगत जनगणना की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि सामाजिक न्याय से जुड़े फैसलों के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
