झीरम फैसले के बाद सियासी संग्राम, मुख्यमंत्री साय ने भूपेश बघेल को घेरा

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रायपुर। झीरम घाटी हमले पर आए अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके पास इस मामले से जुड़े कोई ठोस सबूत थे, तो उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपना चाहिए था।

बिलासपुर दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी मामले की जांच NIA ने की, 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए और लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 10 से ज्यादा आरोपियों को दोषी ठहराया। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को NIA कोर्ट दोषियों की सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के सामने सबूत पेश करना चाहिए था, न कि बाद में आरोप लगाए जाएं। इस दौरान उन्होंने भूपेश बघेल को असम कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने पर भी टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने संगठन में लगातार प्रभार बदलती रहती है और यह उसका आंतरिक फैसला है। झीरम घाटी फैसले के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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