जगदलपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने तीन दिवसीय बस्तर संभाग प्रवास की शुरुआत बीजापुर से करते हुए जिले में संचालित आवासीय विद्यालयों की शैक्षणिक, आवासीय एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, किलेपाल क्रमांक-3 (बास्तानार) का निरीक्षण कर छात्राओं से संवाद किया और शिक्षकों के साथ बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ** विष्णुदेव साय** के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
समीक्षा बैठक में नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री यादव ने विद्यालयों में छात्र संख्या, रिक्त पदों, भवन निर्माण, पोर्टा केबिन में संचालित विद्यालयों की स्थिति, भोजन, आवास, रखरखाव तथा शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध बजट का विद्यार्थियों के हित में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार के निर्देश दिए।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्राओं के ड्रॉपआउट के कारणों की जानकारी ली और उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य, खेल, सुरक्षा, महिला कर्मचारियों की उपलब्धता तथा विद्यालयों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि **बालिकाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।** उन्होंने सभी आवासीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, शिकायत पेटी, महिला चौकीदार, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण मिल सके।
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शिक्षा मंत्री यादव ने नक्सल उन्मूलन के बाद बंद पड़े विद्यालयों को पुनः प्रारंभ करने तथा आवश्यकता के अनुसार नए विद्यालय खोलने के प्रस्तावों पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब शांति और सुरक्षा की बेहतर स्थिति का लाभ बच्चों की शिक्षा तक पहुंचाना आवश्यक है। मंत्री ने बस्तर संभाग के सभी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और खेलकूद की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि बस्तर के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।

