ITR Filing 2026: कारोबारियों के लिए 31 अगस्त आखिरी तारीख

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नई दिल्ली। कारोबार या पेशे से कमाई करने वाले उन करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा करीब आ गई है, जिनके खातों का कर ऑडिट जरूरी नहीं है। ऐसे करदाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। वहीं, जिन कारोबारियों और पेशेवरों के खातों का कर ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।

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कारोबार या पेशे से आय रखने वालों के लिए मुख्य रूप से आईटीआर-3 और आईटीआर-4 फॉर्म महत्वपूर्ण हैं। आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों के लिए होता है, जिनकी आय कारोबार या पेशे से होती है और जो अनुमानित कर व्यवस्था का विकल्प नहीं लेते। इसमें वेतन, मकान, कारोबार, पूंजीगत लाभ और अन्य स्रोतों से हुई आय भी दर्ज की जा सकती है।

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वहीं, आईटीआर-4 यानी सुगम उन पात्र व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्म के लिए है, जो अनुमानित कर व्यवस्था के तहत आय घोषित करते हैं और निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं। हालांकि विदेशी संपत्ति या आय, कुछ पूंजीगत लाभ, अनलिस्टेड शेयर और विशेष प्रकार की आय होने पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। रिटर्न दाखिल करने से पहले फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण, करदाता सूचना सारांश, फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट और जरूरी दस्तावेजों का मिलान करना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करने वालों को ब्रोकरेज और पूंजीगत लाभ का रिकॉर्ड भी जांचना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने पर बाद में आयकर विभाग से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

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