०स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों को किया जागरूक, 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी
गरियाबंद । छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने के संकल्प के साथ राज्य पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस ने शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत 22 अगस्त को गरियाबंद पुलिस ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
सेल्फी के जरिए दिया डिजिटल जागरूकता का संदेश
अभियान का प्रमुख आकर्षण डिजिटल तकनीक और सेल्फी के माध्यम से जागरूकता रहा। कार्यक्रम स्थलों पर विशेष क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों से क्यूआर कोड स्कैन कर सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की गई।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को सहज एवं रोचक तरीके से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। सोशल मीडिया पर साझा की जा रही सेल्फी के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अनजान लिंक और बैंकिंग जानकारी से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध संदेशों और ऑनलाइन ऑफरों से सावधान रहने तथा अपनी ह्रञ्जक्क, पासवर्ड, बैंकिंग एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।गरियाबंद पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतर्कता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।
