o श्यामतराई में सोमवार से शुरू होगा वनोपज एवं औषधीय उत्पादों का नियमित क्रय-विक्रय, स्थानीय उत्पादकों को मिलेगा बेहतर बाजार
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत धमतरी की पहचान और व्यापारिक विरासत से जुड़ी करीब 100 वर्ष पुरानी वनोपज मंडी एक बार फिर गुलजार होने जा रही है। श्यामतराई स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में अब प्रत्येक सोमवार को वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इससे जिले के वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वनोपज और औषधीय उत्पादों का संग्रहण एवं उपार्जन करने वाले कृषकों और संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा तथा अपनी उपज के बेहतर विपणन का अवसर मिलेगा। कृषि उपज मंडी समिति धमतरी द्वारा प्रत्येक सोमवार को प्रातः 10 बजे से कार्य समाप्ति तक श्यामतराई मंडी परिसर के शेड क्रमांक-01 में पोल क्रमांक 04 से 08 तक के हिस्से को वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए आरक्षित किया गया है। कृषक एवं वनोपज संग्राहक अपनी उपज लेकर यहां विक्रय के लिए पहुंच सकेंगे।
स्थानीय वनोपज को स्थानीय बाजार से जोड़ना प्राथमिकता : कलेक्टर
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी की पुरानी वनोपज मंडी को पुनः सक्रिय करने का उद्देश्य जिले के कृषकों और वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के नियमित क्रय-विक्रय की सुविधा मिलने से उत्पादकों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम होगी तथा परिवहन में लगने वाले समय और खर्च की भी बचत होगी।
उन्होंने कहा कि धमतरी में वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। स्थानीय स्तर पर फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ ही स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि वन क्षेत्र से प्राप्त होने वाली उपज केवल कच्चे उत्पाद के रूप में बाहर न जाए, बल्कि स्थानीय स्तर पर उसके संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की श्रृंखला विकसित हो। इससे वनोपज पर निर्भर परिवारों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने तथा जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलेगी।
बस्तर जाने की जरूरत कम होगी, धमतरी में मिलेगा बाजार:
धमतरी का श्यामतराई क्षेत्र लंबे समय से वनोपज के व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। जिले की भौगोलिक स्थिति इसे वनांचल और मैदानी क्षेत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करती है। ऐसे में वनोपज मंडी के पुनः सक्रिय होने से जिले सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों के उत्पादकों को अपनी उपज के लिए स्थानीय बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
औषधीय एवं वन संपदा से जुड़े अनेक उत्पादों के कारोबार के लिए उत्पादकों और व्यापारियों को अब तक बस्तर एवं जगदलपुर जैसे प्रमुख केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। धमतरी में ही नियमित क्रय-विक्रय की सुविधा उपलब्ध होने से समय और परिवहन लागत की बचत के साथ उत्पादकों को बाजार तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
वनोपज से मूल्य संवर्धन और फूड प्रोसेसिंग को मिलेगा बढ़ावा:
वनोपज मंडी के पुनः संचालन को केवल क्रय-विक्रय तक सीमित न रखते हुए इसे वन आधारित अर्थव्यवस्था, मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में स्थानीय स्तर पर वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के प्रसंस्करण तथा फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से कच्चे उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्कृत कर अधिक मूल्य प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इससे कृषकों, वनोपज संग्राहकों, छोटे व्यापारियों तथा प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की यह पहल उत्पादन से प्रसंस्करण और प्रसंस्करण से बाजार की पूरी श्रृंखला विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
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वनोपज व्यापारियों ने कृषकों से उत्पाद खरीदने पर दी सहमति:
मंडी समिति द्वारा आयोजित बैठक में वनोपज व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों एवं संबंधित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों के नियमित क्रय-विक्रय की व्यवस्था, कृषकों को मंडी तक लाने के लिए प्रचार-प्रसार तथा व्यापारियों द्वारा कृषकों से लाए गए उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वनोपज व्यापारी संघ द्वारा मंडी परिसर में कृषकों द्वारा लाए जाने वाले वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों के क्रय के लिए सहमति व्यक्त की गई। साथ ही अधिक से अधिक कृषकों को इस सुविधा की जानकारी देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।
ग्राम पंचायतों में मुनादी के माध्यम से दी जाएगी जानकारी:
मंडी समिति द्वारा धमतरी तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों का उपार्जन करने वाले कृषकों तक इस व्यवस्था की जानकारी पहुंचाने के लिए मुनादी एवं स्थानीय प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक कृषकों और संग्राहकों को इस सुविधा से जोड़ना है, ताकि वे अपनी उपज को स्थानीय बाजार तक पहुंचा सकें। वनोपज मंडी के पुनः संचालन से धमतरी की पुरानी व्यापारिक परंपरा को नया विस्तार मिलने के साथ-साथ स्थानीय वनोपज, औषधीय संपदा, प्रसंस्करण, विपणन और रोजगार की संभावनाओं को एक साझा मंच मिलने की उम्मीद है।
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