बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जांगला स्थित बालक आश्रम में कक्षा पांचवीं के आदिवासी छात्र लश्कर वट्टी की मलेरिया से मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना ने आश्रमों में रहने वाले बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर इलाज की व्यवस्था पर भी चिंता बढ़ा दी है।
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मामले को लेकर बीजापुर के विपक्षी विधायक विक्रम शाह मंडावी ने सरकार और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बस्तर को मलेरिया मुक्त किए जाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आदिवासी क्षेत्र में बच्चे मलेरिया की वजह से जान गंवा रहे हैं, तो सरकारी स्वास्थ्य इंतजामों की प्रभावशीलता की समीक्षा जरूरी है।
घटना के बाद आश्रम में रह रहे अन्य बच्चों के स्वास्थ्य की जांच को लेकर भी मांग उठ रही है। साथ ही मलेरिया की रोकथाम, मच्छरों से बचाव और बीमार बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर इलाज में देरी को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच या जिम्मेदारी तय किए जाने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन मामले की जांच कर क्या कदम उठाता है।
