नई दिल्ली। शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों पर वादा निभाने में चूक का आरोप लगाया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि, उनका उद्देश्य अपने अनशन का समापन सरकार, विपक्ष और छात्र प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक साझा पहल के रूप में करना था, ताकि यह किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम न लगे।
वांगचुक के अनुसार, उनकी केंद्रीय मंत्रियों से देर रात हुई बैठक में यह सहमति बनी थी कि बैठक की तस्वीरें और जानकारी तब तक सार्वजनिक नहीं की जाएंगी, जब तक विपक्षी नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल नहीं कर लिया जाता। उनका दावा है कि, इस समझौते के बावजूद कुछ ही समय बाद बैठक की तस्वीरें जारी कर दी गईं, जिससे उन्हें लगा कि तय वादा निभाया नहीं गया।
उन्होंने यह भी कहा कि, बैठक के दौरान मौजूद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को इस सहमति का गवाह बनाया गया था। वांगचुक का कहना है कि, इस घटनाक्रम से उनका भरोसा प्रभावित हुआ। वहीं, इस मामले पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
