रायपुर ।राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में घर तोड़ने का विवाद अब और गहरा गया है। न्याय और उचित पुनर्वास की मांग को लेकर सोमवार को साहू समाज और नकटी गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से राजभवन का घेराव करने निकले, हालांकि पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर पहले ही रोक दिया। दोपहर को देवपुरी से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण रैली के रूप में राजभवन की ओर कूच किए। लालपुर के पास पुलिस ने रैली को रोकने की कोशिश की तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मामूली धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रभावित परिवारों का कहना है कि घर तोड़े जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। सरकार ने पुनर्वास के लिए सेक्टर-30 में आवास दिए हैं, लेकिन ग्रामीण इसे ठुकराकर अपने पुराने घर और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए उनके आशियाने उजाड़ दिए गए। सेक्टर-30 में दिए गए फ्लैटों को वे स्वीकार नहीं कर रहे क्योंकि उनका कहना है कि यह उनके गांव, खेती और रोजगार से बहुत दूर है। आंदोलनकारियों ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर अगर न्याय नहीं मिलती है तो वह मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। और महिलाएं काला साड़ी पहनकर विरोध दर्ज कराएंगी
*साहू समाज के आंदोलन में शामिल होने से दायरा और बढ़ा*
साहू समाज के आंदोलन में शामिल होने से दायरा और बढ़ गया। नकटी गांव और देवपुरी से निकली रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे। सभी हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर “हमें न्याय चाहिए, घर वापस दो” के नारे लगा रहे थे। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए बैरिकेड लगाकर रैली को रोका और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी राजभवन तक जाने और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की मांग पर डटे रहे। लोगों ने कहा कि यदि जल्द ठोस समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर बातचीत का रास्ता खुला है।
*23 दिनों से जारी भूख हड़ताल, स्थगित*
जानकारी के अनुसार नकटी गांव के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पार्वती साहू 23 दिनों से भूख हड़ताल पर थी। जिन्होंने ने बुधवार को जूस पीकर कर भूख हड़ताल को स्थगित किया है। उन्होंने बताया कि न्याय मिलने तक यह हड़ताल जारी रहेगा।
