रायपुर में आर्मी कैंप के नाम पर व्यापारी से 4.59 लाख की ठगी, फर्जी ऑर्डर देकर लगाया चूना

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हार्डवेयर कारोबारी को BSF कैंप के लिए तिरपाल ऑर्डर का दिया झांसा, पुलिस ने शुरू की जांच

रायपुर। राजधानी रायपुर में सेना के नाम पर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आजाद चौक थाना क्षेत्र में एक हार्डवेयर व्यापारी को फर्जी आर्मी ऑर्डर देकर आरोपियों ने 4 लाख 59 हजार 980 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोपियों ने खुद को सेना से जुड़ा अधिकारी बताकर व्यापारी को भरोसे में लिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवा ली।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रतीक अग्रवाल (24 वर्ष) निवासी खमतराई रायपुर की तेलघानी नाका में अमन ट्रेडर्स नाम से हार्डवेयर दुकान है। व्यापारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात लोगों ने मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर सेना के नाम पर फर्जी ऑर्डर दिया।

फर्जी परचेज ऑर्डर भेजकर जीता भरोसा
व्यापारी के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का व्हाट्सएप मैसेज आया। आरोपी ने खुद को रायपुर बीएसएफ कैंप से जुड़ा बताते हुए 120 नग तिरपाल की जरूरत बताई और कोटेशन मांगा।

इसके बाद 25 जुलाई को आरोपी ने पीडीएफ के जरिए फर्जी परचेज ऑर्डर और जीएसटी नंबर भेज दिया। आर्मी कैंप के नाम से ऑर्डर होने के कारण व्यापारी ने इसे वास्तविक समझ लिया और तिरपाल तैयार करवा दिए।

31 जुलाई को वाहन के माध्यम से तिरपाल नया रायपुर स्थित कथित आर्मी कैंप भेज दिया गया। व्यापारी ने आरोपी को 5 लाख 20 हजार 380 रुपये का बिल भी भेजा।

दोगुनी रकम लौटाने का दिया झांसा
इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी को फोन कर कहा कि सेना की प्रक्रिया के अनुसार भुगतान आर्मी खाते में करना होगा। उन्होंने रकम जमा करने पर दोगुनी राशि वापस मिलने का लालच दिया।

आरोपियों ने कुछ अन्य मोबाइल नंबर देकर कथित अकाउंट अधिकारी से संपर्क करने को कहा। व्यापारी ने उनके कहने पर पहले फोन-पे के माध्यम से 60 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई गई।

शिकायत के अनुसार, व्यापारी ने राजा और हीना नाम के खातों में कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4,59,980 रुपये जमा कर दिए। भुगतान के बाद जब आरोपियों ने और पैसे की मांग की तो व्यापारी को ठगी का शक हुआ।

पुलिस कर रही डिजिटल साक्ष्यों की जांच
व्यापारी ने तुरंत तिरपाल वापस बुलाने का प्रयास किया और सामान वापस मिल गया, लेकिन तब तक उसके खाते से लाखों रुपये जा चुके थे। इसके बाद उन्होंने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस ठगी में कितने लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी विभाग, सेना या बड़ी संस्था के नाम पर मिलने वाले ऑनलाइन ऑर्डर और भुगतान संबंधी मांगों की अच्छी तरह पुष्टि करें। बिना सत्यापन किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचें।