वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पातालपुरी मठ, नरहरिपुरा के पीठाधीश्वर जगदगुरु बालक देवाचार्य ने संसद परिसर में हुए सियासी नाटक को लेकर कोतवाली थाने में तहरीर दी थी और इसमें शामिल सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संसद परिसर में 31 जुलाई 2026 को हुए सियासी प्रदर्शन में हिंदू संत परंपरा, भगवान श्रीराम मंदिर तथा श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए पवित्र दान का मजाक बनाया गया। आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा सांसदों ने नाटकीय प्रदर्शन कर देश के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
संतों की तरफ से दी गई शिकायत में राहुल गांधी, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद का नाम लिया गया। इन पर आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भगवा वस्त्र पहनकर और हिंदू संतों के स्वरूप का राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस नाटकीय प्रदर्शन से हिंदू आस्था, संत परंपरा और धार्मिक प्रतीकों का सार्वजिनक मजाक बनाया गया है और इससे समाज में धार्मिक तनाव फैलने की आशंका है। फिलहाल पुलिस ने तीनों सांसदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव समेत तमाम विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले को लेकर संसद में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए गए। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद पहुंचे, जहां उन्होंने नुक्कड़ नाटक जैसा प्रदर्शन किया। अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता के आरोपों को सामने लाने के लिए पप्पू यादव सांकेतिक तौर पर दान पात्र लाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और कई दूसरे विपक्षी नेताओं को सांकेतिक दान पात्र (बॉक्स) में दान करते देखा गया। साधु के वेश में बैठे पप्पू यादव की ओर से नारे लगाए गए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “राम राम जपियो रे, सब माल हड़पियो रे।”

